11.1 C
Dehradun, IN
January 15, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
उत्तरप्रदेश

4 महीने, 18 आरोपी और 900 पन्नों की चार्जशीट… सिपाही भर्ती पेपरलीक में UP STF की जांच में क्या-क्या?

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती पेपरलीक मामले में यूपी STF ने पहली चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है. यूपी STF की मेरठ यूनिट ने मास्टरमाइंड रवि अत्री समेत 18 आरोपियों के खिलाफ 900 पेज की चार्जशीट दाखिल की है. STF की चार्जशीट में रवि अत्री और राजीव नयन मिश्रा के साथ लॉजिस्टिक्स कंपनी TCI एक्सप्रेस के कर्मचारी शिवम गिरी, रोहित पांडे, अभिषेक शुक्ला के साथ दिल्ली पुलिस के सिपाही विक्रम पहल का भी नाम भी शामिल है.

सिपाही विक्रम पहल ने ही गुड़गांव मानेसर के नेचर वेली रिसॉर्ट में अभ्यर्थियों को एक साथ रुकवा कर पेपर बेचा था. इसको लेकर मेरठ के कंकर खेड़ा थाने में यूपी STF ने FIR दर्ज करवाई थी. चार्जशीट में शामिल रवि अत्री और राजीव नयन मिश्रा का नाम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के RO/ARO (समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी) पेपर लीक मामले में भी आया है. STF, RO/ARO पेपर लीक मामले की अलग से जांच कर रही है. इस पेपरलीक मामले में यूपी पुलिस का बर्खास्त सिपाही अरुण सिंह मास्टरमाइंड निकला था.

‘एजुटेस्ट’ कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया गया

वहीं यूपी STF की रिपोर्ट के बाद सिपाही भर्ती परीक्षा कराने वाली कंपनी ‘एजुटेस्ट’ को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है. अब इस कंपनी की कभी भी आगे किसी भी परीक्षा को कराने की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. ‘एजुटेस्ट’ ने ही सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर पहुंचाने के लिए नोएडा की लॉजिस्टिक्स कंपनी को ठेका दिया था. ‘एजुटेस्ट’ के लोगों ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के वेयरहाउस का मुआयना किया था. वेयरहाउस में रखे बॉक्स से ही राजीव नयन मिश्रा के कहने पर शुभम मंडल को बुलाया और भर्ती का पेपर निकलवाया था.

सिपाही के 60 हजार पदों की आई थी भर्ती

इसी साल जनवरी महीने में यूपी पुलिस सिपाही भर्ती के 60 हजार पदों की वैकेंसी निकाली गई थी. करीब एक महीने बाद 17 और 18 फरवरी को प्रदेश के विभिन्न सेंटरों पर सिपाही भर्ती की परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन इस परीक्षा पर तब ग्रहण लग गया, जब नकल माफियाओं ने इसमें सेंधमारी की और पेपरलीक करा दिया. पेपरलीक होने के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा. अभ्यर्थियों का कहना था कि एक दो इतने सालों के बाद पुलिस की भर्ती आई और उसी में पेपरलीक हो गया.

इन राज्यों से जुड़े सिपाही भर्ती पेपरलीक के तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेपर निरस्त करते हुए जांच के आदेश दिए. शासन स्तर से यूपी STF को इसकी जांच सौंपी गई. यूपी STF ने जब सिपाही भर्ती पेपर लीक केस की जांच करनी शुरू की तो एक के बाद एक करीब छह राज्यों से इसके तार जुड़े. खासतौर पर यूपी, बिहार और हरियाणा का नटेवर्क सामने आया. STF की मेरठ यूनिट ने कंकर खेड़ा थाना क्षेत्र से पांच मार्च 2024 को छह आरोपियों, दीपक उर्फ दीप, बिट्टू, प्रवीण, रोहित उर्फ ललित, साहिल और नवीन को गिरफ्तार कर लिया.

UP STF ने 18 आरोपियों को किया गिरफ्तार

इनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि हरियाणा के गुरुग्राम और मध्य प्रदेश के रीवा में स्थित रिसॉर्ट में कुल 1200 अभ्यर्थियों को पेपर पढ़ाया गया था. इसके बाद पुलिस ने 12 मार्च को जींद निवासी महेंद्र को गिरफ्तार किया. महेंद्र से पूछताछ के बाद अभिषेक शुक्ला, रोहित पांडेय और शिवम गिरी की गिरफ्तार हुई. मानेसर के रिसॉर्ट मालिक सतीश धनकड़ की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि सिपाही भर्ती का पेपर रवि अत्री गैंग ने अहमदाबाद स्थित कंपनी के वेयरहाउस से लीक कराया था. इसके बाद STF ने रवि अत्री, राजीव नयन मिश्रा, शुभम मंडल सहित 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

Related posts

सपा नेता आजम खान को बड़ी राहत, डूंगरपुर मामले में कोर्ट ने किया बरी

Uttarakhand Vidhansabha

स्वामी प्रसाद मौर्य और बेटी संघमित्रा भगोड़ा घोषित, कैसे होती है घोषणा, कितनी मुश्किलें बढ़ेंगी?

Uttarakhand Vidhansabha

एक वेबसाइट, महिलाएं और क्रिप्टो… कानपुर के व्यापारी से ठगों ने ऐसे उड़ाए 80 लाख रुपए

Uttarakhand Vidhansabha