हरिद्वार पहुंचने पर आज बड़ी संख्या में किसान बंधुओं ने गन्ना मूल्य में की गई वृद्धि के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। इसके उपरान्त अन्तर्राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन (संस्कृत गंगा संगम-2025) के समापन समारोह में उपस्थित देवतुल्य जनता को संबोधित किया।


संस्कृत के उत्थान और विकास के लिए प्रदेश में उच्च स्तरीय आयोग का गठन किया जाएगा। “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं वैश्विक ज्ञान के विकास में संस्कृत का योगदान” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन से जो निष्कर्ष निकलेगा वह निश्चित ही संस्कृत के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा।


संस्कृत भाषा अन्य भाषाओं की भांति केवल अभिव्यक्ति का साधन मात्र नहीं है बल्कि ये हमारी संस्कृत, परंपरा, ज्ञान और विज्ञान का मूल आधार हैं। प्रदेश में विद्यालय स्तर पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार को सुदृढ़ किया जा रहा है और इसी उद्देश्य से “गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति” की शुरुआत की गई है।


इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आदरणीय Dr.Ramesh Pokhriyal Nishank जी, माननीय विधायक Adesh Chauhan जी, Pradeep Batra जी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री Swami Yatishwaranand जी उपस्थित रहे।


