10.8 C
Dehradun, IN
January 15, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
खेल

भारत की झोली में आया पहला मेडल, शूटिंग में हरियाणा की छोरी ने किया कमाल

भारत की शूटिंग स्टार मनु भाकर भारतीयों की उम्मीदों पर बिल्कल खरा उतरी हैं. उन्होंने देश को पहला मेडल दिलाने में सफलता हासिल कर ली है. मनु भाकर ने ब्रॉन्ज मेडल पर निशाना लगाया और भारत की झोली में पहला मेडल लाकर रख दिया. मनु ने 10 मीटर एयर पिस्टल में ये मेडल जीता है.

ये तो आप जानते होंगे कि हरियाणा को मुक्केबाजों और पहलवानों के नाम से जाना जाता है. यहां के एथलीटों ने दुनियाभर में अपना परचम लहराया है और देश का नाम रोशन किया है. शूटिंग गर्ल मनु भाकर भी इसी राज्य से आती हैं और रविवार यानी 28 जुलाई को उन्होंने फिर से अपना परचम लहरा दिया. हरियाणा के झज्जर में जन्मीं मनु भाकर को बचपन से ही खेलों में रुचि थी. वह टेनिस से लेकर स्केटिंग और मुक्केबाजी प्रतियोगिताओं में अक्सर हिस्सा लेती रहती थीं. इसके अलावा उन्होंने एक मार्शल आर्ट में भी हिस्सा लिया था, जिसे नेशनल लेवल पर मेडल जीतने वाली ‘थान टा’ के नाम से जाना जाता है.

बचपन से थी खेलों में रुचि

मनु भाकर जब 14 साल की थीं, तभी उन्होंने निशानेबाजी में अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया था. तब अभी-अभी 2016 में रियो ओलंपिक खत्म ही हुआ था. उन्होंने जब अपने पिता राम किशन भाकर से शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए पिस्टल लाने को कहा तो उनके पिता ने भी उनके फैसला का सम्मान किया और उन्हें पिस्टल लाकर दे दी. उनकी उसी फैसले ने आज मनु भाकर को ओलंपियन बना दिया.

किया था चौंकाने वाला उलटफेर

साल 2017 में नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में मनु भाकर ने हिस्सा लिया था और चौंकाने वाला उलटफेर किया था. उन्होंने ओलंपियन और पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी हीना सिद्धू को 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में हरा दिया था. इसके अलावा 2017 में ही एशियन जूनियर चैंपियनशिप में भी उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था और उसके बाद तो वह पूरे देश में फेमस हो गईं.

डेब्यू वर्ल्ड कप में बनाया था रिकॉर्ड

मनु भाकर ने मेक्सिको के ग्वाडलजारा में अपने अंतर्राष्ट्रीय खेल शूटिंग महासंघ विश्व कप में डेब्यू किया था और अपने डेब्यू मैच में ही उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया था. 10 मीटर एयर पिस्टल के वुमेंस फाइनल में उन्होंने ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता से लेकर वर्ल्ड कप विजेता तक को पीछे छोड़ दिया था. महज 16 साल की उम्र में ही वह ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बन गई थीं. उसके बाद से उनकी जीत का ये सिलसिला थमा ही नहीं और अब तो उन्होंने पेरिस ओलंपिक में भी अपना परचम लहरा दिया है.

Related posts

पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने अर्जेंटीना को जीत से रोका, कप्तान हरमनप्रीत सिंह के गोल ने बदल दिया खेल

Uttarakhand Vidhansabha

एक साथ दो फिल्में प्रमोट करने की निंजा टेक्निक कोई कार्तिक आर्यन से सीखे, सामने आया ऐसा वीडियो

Uttarakhand Vidhansabha

खिलाड़ियों की खिलाड़ी हैं मनु भाकर, पीवी सिंधु की मदद के लिए ये काम भी किया

Uttarakhand Vidhansabha