प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ0 हरक सिह रावत ने कहा कि भाजपा की ही सरकार में त्रिवेन्द्र सिंह रावत के मुख्यमंत्रित्व काल में ऋषिकेश के रानीपोखरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के नाम पर भूमि आवंटित की गई थी जिस पर लॉ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास भी तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा स्थानीय सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक व शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत की उपस्थिति में हुआ था। 7 वर्ष बीत जाने के बाद यूनिवर्सिटी के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। यूनिवर्सिटी के नाम आवंटित भूमि का टिहरी बांध विस्थापितों के नाम पर खुर्द-बुर्द करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद की संवैधानिक गरिमा को ही गिरा दिया है क्योंकि त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री के रूप में लॉ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अपनी ही सरकार के शासन के आदेशों का खुला उल्लंघन किया है। भारतीय जनता पार्टी में गुटबाजी चरम पर है। भाजपा किसी भी काम का श्रेय दूसरे नेता को नहीं देना चाहते हैं। रानीपोखरी में जो कार्रवाई की गई है, उससे आने वाले समय में मुख्यमंत्री की घोषणा और शिलान्यास से भी जनता का भरोसा उठ जायेगा भाजपा के राष्ट्रीय नेता चुनावों के समय जुमले बाजी करते हैं उसी प्रकार लोकसभा चुनाव के समय जनता की आंख में धूल झोंकने के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी झूठा नाटक कर लॉ यूनिवर्सिटी बनाने का नाटक मात्र किया, और आज स्थानीय जनता को इसके लिए आन्दोलन करना पड़ रहा है। इस आन्दोलन में स्थानीय जनता के साथ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और निर्वाचित प्रतिनिधि, प्रधान संगठन के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जनता की जायज मांग को लेकर चलाये जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन पर जिस प्रकार उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया तथा आंदोलन में शामिल महिलाओं के साथ अभद्रता की गई वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
