हरिद्वार में ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती, जिन्हें “लेडी सिंघम” के नाम से भी जाना जाता है, पर भ्रष्टाचार और अवैध धन उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं। प्राइड फार्मा कंपनी के प्रतिनिधियों ने उनके सस्पेंशन और आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की है। प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कंपनी प्रतिनिधि रमेश मैठाणी और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैश खुराना ने बताया कि दवा निर्माण लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद उन्हें शिवालिक नगर स्थित कार्यालय बुलाया गया, जहां दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। आरोप है कि इसके बाद एक व्हाट्सएप नंबर के जरिए 15 हजार रुपये की मांग की गई, जिसमें से 10 हजार रुपये एक खाते में जमा कराए गए और बाकी राशि भी मांगी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइसेंस प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग बहानों से कई बार पैसे लिए गए और कुल मिलाकर लाखों रुपये की वसूली की गई। कंपनी प्रतिनिधियों का कहना है कि उन पर दबाव बनाकर पैसे लिए गए।प्रेस वार्ता में प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती को तत्काल सस्पेंड करने और उनकी संपत्ति की जांच कराने की मांग की गई। फिलहाल इस मामले में अनीता भारती की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
