थलीसैंण क्षेत्र में नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पंचायत द्वारा बस्ती और कॉलेज के बीच बनाए जा रहे कूड़ा निस्तारण ग्राउंड का ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत बिना जनसहमति के मनमाने तरीके से कार्य कर रही है और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर कूड़ा निस्तारण ग्राउंड बनाया जा रहा है, उसके ठीक सामने प्राकृतिक जल स्रोत मौजूद है। ऐसे में कूड़े से निकलने वाले अपशिष्ट और गंदगी से जल स्रोत के प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा यह स्थान मुख्य सड़क के बिल्कुल किनारे होने के कारण राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत ने स्थल चयन से पहले न तो क्षेत्रवासियों की राय ली और न ही पर्यावरणीय प्रभावों की गंभीरता से जांच की। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी पौड़ी से हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में शिकायत जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया तक भी पहुंच चुकी है। जिलाधिकारी ने कहा कि पहले ही संबंधित विभाग को निर्देश दिए जा चुके हैं कि प्राकृतिक जल स्रोत और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मामले में संबंधित संस्था और अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि कूड़ा निस्तारण ग्राउंड को आबादी और प्राकृतिक जल स्रोत से दूर स्थानांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी समस्याएं पैदा न हों।
