“विकासनगर की शक्ति नहर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर! 16 मई को हुए दिल दहला देने वाले हादसे का वो वीडियो सामने आ गया है, जिसे देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। उफनती लहरों के बीच मौत को मात देकर दो बच्चियों को कैसे खींचा गया, पानी के भीतर जांबाज युवा सोहेब और मुकर्रम के उस खौफनाक संघर्ष का लाइव वीडियो देखिए!””पानी का यह रौद्र रूप… और मौत के मुंह में फंसी दो मासूम जिंदगियां! टीवी स्क्रीन पर चल रही इन तस्वीरों को गौर से देखिए। यह वीडियो विकासनगर की शक्ति नहर का है, जहां 16 मई की शाम एक महिला ने अपनी दो बच्चियों के साथ छलांग लगा दी थी। अब इस घटना का वो वीडियो सामने आया है, जो बयां कर रहा है कि उस वक्त नहर के भीतर मौत कितनी करीब थी और किस तरह सोहेब और मुकर्रम देवदूत बनकर वहां पहुंचे।””नहर के तेज बहाव और इस संकरे-फिसलन भरे ढलान पर पैर टिकाना भी नामुमकिन था। लेकिन वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे सोहेब और मुकर्रम ने अपनी जान दांव पर लगा दी। लहरें बच्ची को खींच रही थीं, लेकिन इन दोनों जांबाज युवाओं ने ढलान पर लेटकर, एक-दूसरे को सहारा देकर यमराज के जबड़े से पहली मासूम बच्ची को सुरक्षित खींच निकाला। वीडियो में मदद कर रहा हेलमेट वाला शख्स महज एक राहगीर था, जबकि नहर के भीतर असली मोर्चा सोहेब और मुकर्रम ने संभाल रखा था।””सांसें थाम देने वाले इस वीडियो के अगले हिस्से में देखिए, पानी और कीचड़ के बीच दूसरी बच्ची जिंदगी की आखिरी जंग लड़ रही थी। शरीर पूरी तरह भीग चुका था, ताकत जवाब दे रही थी, लेकिन जांबाज सोहेब और मुकर्रम ने हार नहीं मानी। दोनों युवाओं ने सूझबूझ दिखाते हुए दूसरी बच्ची को भी पानी से बाहर निकाला। सोहेब ने उसे सीने से चिपकाया और बिना एक सेकंड गंवाए अस्पताल की तरफ दौड़ पड़ा। इन दोनों की जांबाजी से दोनों बच्चियों की जान तो बच गई, लेकिन अपनी बच्चियों के साथ कूदने वाली मां किरण चंदेल तेज बहाव में बह गई थीं।””लहरों के बीच संघर्ष की ये लाइव तस्वीरें गवाह हैं कि अगर एक सेकंड की भी देरी होती, तो दोनों मासूम हमेशा के लिए सो जातीं। इस हादसे के बाद अगले दिन यानी 17 मई को SDRF की टीम ने ढकरानी पावर हाउस के पास से मृतका किरण चंदेल का शव बरामद कर जिला पुलिस को सौंप दिया है। वहीं, अपनी जान की परवाह न कर दोनों मासूमों को नया जीवन देने वाले जांबाज सोहेब और मुकर्रम के इस अदम्य साहस को देखते हुए देहरादून एसपी ग्रामीण ने दोनों को दफ्तर बुलाकर सम्मानित किया है। यह वीडियो साबित करता है कि इंसानियत आज भी जिंदा है।”
