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March 2, 2026
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डॉ. आर. राजेश कुमार की सख्त निगरानी में संवरेगा प्रदेश का अतिथि तंत्र, कुंभ 2027 से पहले गेस्ट हाउस बनेंगे आधुनिक और आदर्श
द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट 21 मई को खुलेंगे, साथ हीं तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट 2 मई को खुलेंगे

Category : धर्म

Eid ul-Adha 2024: भारत में कल मनेगी ईद, पहले जान लें ये 5 नियम, लाइफ में नहीं आएंगी दिक्कतें!

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Eid ul-Adha 2024: इस्लाम धर्म का त्योहार ईद-उल-अजहा या ईद-उल-जुहा यानी बकरीद सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है. दुनियाभर में मुस्लिमों के जरिए इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने धू-अल-हिजाह की 10 तारीख को बकरीद मनाई जाती है. धू-अल-हिजाह महीने की 8 तारीख से हज शुरू होता है और 13 तारीख को खत्म हो जाता है. इस बीच 10 तारीख को दुनियाभर में ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जाता है. अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से तारीख में हमेशा बदलाव देखने को मिलता रहता है. भारत में कब मनेगी ईद भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अन्य दक्षिण एशियाई देशों और दक्षिण अफ्रीका में […]...

पवित्र नदियों मे न करें रात्रि में स्नान, होते हैं यह नुकसान

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हिंदू धर्म में विशेष रूप से गंगा, यमुना और सरस्वती को बहुत सम्मान दिया जाता है, यह सिर्फ नदियां नहीं बल्कि भगवान का अवतार हैं. इसलिए, सदियों से, लोग इन पवित्र नदियों और जल में डुबकी लगाने के लिए दूर-दूर से आते हैं. हैं. इसे ‘स्नान’ के रूप में भी जाना जाता है और कहा जाता है कि यह व्यक्ति को मन की शांति से लेकर पापों और बुराइयों से भी मुक्ति दिलाती हैं. पवित्र नदियों में स्नान का महत्व हरिद्वार, ऋषिकेश या किसी अन्य शहर में गंगा नदी में ‘गंगा स्नान’ या नहाने की प्रथा विशेष रूप से बहुत […]...

संकटमोचन हनुमान जी को किसने दिया चिरंजीवी होने का वरदान? जानें कैसे बने अमर

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मंगलवार का दिन हनुमान जी की पूजा करने और उनकी कृप पाने के लिए सबसे शुभ माना जाता है. हनुमान जी को अंजनी पुत्र, पवन पुत्र, संकटमोचन, राम भक्त, बजरंगबली और महाबली जैसे कई नामों से जाना जाता है. इन सभी नामों के साथ ही भगवान हनुमान को चिरंजीवी भी कहा जाता है. चिरंजीवी का अर्थ है, अजर-अमर. धार्मिक मान्यता है कि एकमात्र वही ऐसे भगवान हैं जो आज भी पृथ्वी पर सशरीर मौजूद हैं. धरती पर मौजूद होकर वे आज भी अपने भक्तों की परेशानियां सुनते हैं और उनके संकटों को दूर करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं […]...

इन चीजों के बिना अधूरी है निर्जला एकादशी व्रत की पूजा, नोट कर लें पूरी सामग्री लिस्ट

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निर्जला एकादशी को साल की सबसे बड़ी एकादशी माना जाता है. यह व्रत बहुत कठिन और शीघ्र फलदायी माना गया है. निर्जला एकादशी व्रत बिना कुछ खाए पिए किया जाता है जिसमें पानी की एक बूंद भी नहीं पी जाती है. एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है. ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को रखने से श्रीहरि की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. एकादशी के दिन पूजा और उपवास करने से घर पर मां लक्ष्मी की आगमन बना रहता है. इस साल निर्जला एकादशी का व्रत 18 जून 2024 को रखा […]...

गंगा में नहाते समय न करें ये गलतियां, घर में आएगी दरिद्रता, बन सकते हैं पाप के भागीदारी

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हिंदू धर्म में गंगा दशहरा के दिन का विशेष महत्व माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा धरती पर प्रकट हुई थीं. गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने का बड़ महत्व है. गंगा सबसे पवित्र और शुभ माने जाने वाली नदी है. हिंदू धर्म में की गई कोई भी धार्मिक कार्य गंगा के शुभ जल के बिना अधूरा माना जाता है. गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने से हर तरप के पापों से मुक्ति मिलती है, इसलिए इस दिन एक साथ लाखों लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं. गंगा नदी में डुबकी […]...

ज्येष्ठ माह का दूसरा प्रदोष व्रत कब है? जानें शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और नियमज्येष्ठ माह का दूसरा प्रदोष व्रत कब है? जानें शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और नियम

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ज्येष्ठ मास की त्रयोदशी तिथि का बहुत अधिक महत्व होता है. हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी…...

सोमवार की पूजा में करें इस स्तोत्र का पाठ, जीवन के सभी दुखों का होगा अंत, आएगी खुशहाली

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हिंदू धर्म में सोमवार का दिन बहुत मायने रखता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा-व्रत करने का विधान है. धार्मिक मान्यता है कि सोमवार को भगवान महादेव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है और उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अगर आप भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो सोमवार की पूजा के दौरान शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि इससे दुखों से छुटकारा मिलता है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है. इसके अलावा, सोमवार के दिन भगवान शिव […]...

Ganga Dussehra 2024: 16 या 17 जून, कब है गंगा दशहरा? यहां दूर करें कंफ्यूजन, जानें स्नान-दानशुभमुहूर्त

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 ज्येष्ठ माह में आने वाले सभी त्योहारों का विशेष महत्व माना गया है. इस माह में वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, अपरा एकादशी जैसे कई बड़े पर्व आते हैं इन्हीं में से एक है गंगा दशहरा. ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा दशहरा मनाया जाता है. हिंदू धर्म में इस दिन को बेहद ही शुभ और पुण्यकारी माना जाता है. गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी की विधि-विधान से पूजा की जाती है. साथ ही दान जैसे पुण्य कार्य करते हुए गंगा में स्नान किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि गंगा दशहरा पर अन्न, भोजन […]...

पंचामृत से कैसे अलग है चरणामृत, दोनों का प्रसाद में क्यों होता है उपयोग?

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हिन्दू धर्म में जितना पूजा-पाठ का महत्व होता है, उतना ही महत्व चरणामृत और पंचामृत का भी माना जाता है. पूजा-पाठ के दौरान चरणामृत और पंचामृत दोनों को प्रसाद के रूप में भक्तों द्वारा ग्रहण किया जाया है. मंदिर में जाने वाले भक्तों को पुजारी अक्सर पंचामृत और चरणामृत प्रसाद के रूप में देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चरणामृत और पंचामृत दोनों अलग-अलग होते हैं. दोनों को बनाने कि विधि अलग है और दोनों का धार्मिक महत्व भी अलग-अलग है. पंचामृत और चरणामृत में अंतर आपने देखा होगा कि पंचामृत में पांच तरह की चीजों को मिलाया […]...

9 या 10 जून, कब है विनायक चतुर्थी? नोट कर लें सही डेट और शुभ मुहूर्त

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हिंदू धर्म में पंचांग की हर तिथि का अपना महत्व होता है और हर तिथि किसी न किसी देवता को समर्पित होती है. जिस प्रकार सोमवार का दिन भगवान शिव, मंगलवार का दिन हनुमान जी, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है. ठीक वैसे ही चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की पूजा के लिए बेहद खास मानी जाती है. हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष दोनों ही चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती हैं. ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि आने वाली है जिसे विनायक चतुर्थी कहा जाता है. विनायक चतुर्थी पर भगवान की पूजा […]...