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March 2, 2026
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डॉ. आर. राजेश कुमार की सख्त निगरानी में संवरेगा प्रदेश का अतिथि तंत्र, कुंभ 2027 से पहले गेस्ट हाउस बनेंगे आधुनिक और आदर्श
द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट 21 मई को खुलेंगे, साथ हीं तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट 2 मई को खुलेंगे

Category : धर्म

विनायक चतुर्थी पर इस तरह करें गणपति बप्पा को प्रसन्न, जानें शुभ मुहूर्त, और पूजन विधि

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हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश जी का विशेष स्थान माना जाता है. सभी शुभ और मांगलिक कार्यों का आरंभ गणेश जी की पूजा के साथ ही होता है. विनायक चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश को समर्पित होता है. प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विशेष कृपा पाने के लिए उनकी पूजा की जाती और व्रत रखा जाता है. आइए जानते हैं जून के महीने में विनायक चतुर्थी किस दिन है, इस दिन की क्या पूजा विधि है और इस व्रत का क्या महत्व है. जून […]...

इस मंदिर के निर्माण में लोहा और सीमेंट नहीं तो किस चीज का हुआ इस्तेमाल?

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देवभूमि हरिद्वार में वैसे तो बहुत से मंदिर हैं, लेकिन यहां एक ऐसा भी मंदिर है, जिसके निर्माण में लोहे और सीमेंट का इस्तेमाल नहीं हुआ. फिर भी इसकी बनावट इतनी भव्य है की जो भी इसे देखता है वह मंत्रमुग्ध हो जाता है. लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर इस भव्य मंदिर के निर्माण में किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है. श्री यंत्र मंदिर हरिद्वार हरिद्वार हिंदूओं की आस्था का केंद्र माना जाता है. यहां बहुत से देवी देवताओं के भव्य और प्राचीन मंदिर विद्यमान हैं. गंगा के तट पर बहुत से मंदिर हैं, जिनमें से एक […]...

रहस्यों से घिरा नेपाल का वो मंदिर, जहां दर्शन करने से होती है मोक्ष की प्राप्ति!

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भगवान शिव के पशुपतिनाथ मंदिर को 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ का आधा भाग माना जाता है. यह नेपाल का पशुपतिनाथ मंदिर है.पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की राजधानी काठमांडू से 3 कि.मी उत्तर-पश्चिम देवपाटन गांव में बागमती नदी के तट पर स्थित है. मान्यता है कि आज भी यहां पर भगवान शिव विराजमान हैं. इसके अलावा इस मंदिर से बहुत से रहस्य भी जुड़े हैं. पशुपतिनाथ मंदिर का इतिहास देवों के देव कहे जाने वाले भगवान शिव का एक नाम पशुपति नाथ भी हैं. जिसका अर्थ है कि भगवान शिव चारों दिशाओं में विद्यमान हैं. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान […]...
धर्म

काल भैरव को प्रसन्न करना है, तो मासिक कालाष्टमी के दिन जरूर करें इन चीजों का दान

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Kalashtami 2024 Daan: हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का व्रत रखा जाता है. कालाष्टमी के दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की पूजा की जाती है. ज्येष्ठ माह में कालाष्टमी का व्रत आज यानी 30 मई को रखा जाएगा. कालाष्टमी पर व्रत रखकर काल भैरव की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं.पुराणों में वर्णन मिलता है कि कालाष्टमी के दिन कुछ खास चीजों का दान करने से पापों का नाश होत है और ग्रहों के दोषों से मुक्ति मिलती है. काल भैरव की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस दिन […]...
धर्म

मैरिड लाइफ को खुशहाल बनाने के लिए करें शिव-पार्वती की पूजा, दूर होंगे सारे कष्ट!

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 हिन्दू धर्म में हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत रखा जाता है. ये व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है. इस व्रत को करने से मैरिड लाइफ की परेशानियां दूर करने और उसे सुखमय बनाने के उद्देश्य से रखा जाता है. क्योंकि ये व्रत मैरिड लाइफ की खुशहाली के लिए बहुत ही उत्तम माना गया है. इस ज्येष्ठ महीने में प्रदोष व्रत 4 जून दिन मंगलवार को पड़ रहा है. इस दिन प्रदोष काल के शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और पार्वती का पूजन करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. प्रदोष […]...
धर्म

इस शक्तिपीठ में गिरी थीं अमृत की बूंदें, सात नाग करते हैं देवी की रक्षा

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हिंदू धर्म में बहुत से देवी देवताओं की पूजा अर्चना की जाती है. सभी देवी देवताओं का अपना विशेष महत्व है. उसी प्रकार लोग मनसा देवी की भी बहुत ही श्रद्धा भक्ति से पूजा अर्चना करते हैं. पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है. मनसा देवी शक्तिपीठ, हरिद्वार हरिद्वार से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर शिवालिक पहाड़ियों के बिलवा पहाड़ में मां मनसा देवी का प्रसिद्ध मंदिर है. यह अपने आप में ही इतिहास समेटे हुए प्राचीन मंदिर खास है. क्योंकि ये वही स्थान है जहां माता का मस्तिष्क गिरा था. मान्यता […]...
धर्म

बड़ा मंगल पर जरूर करें यह उपाय, बजरंगबली की बरसेगी कृपा

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आज 28 मई 2024 को जेष्ठ माह का पहला मंगलवार है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना जाता है इस दिन बजरंगबली की विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है. बड़ा मंगल का दिन हनुमान भक्तों के लिए बहुत ही शुभ और मंगलकारी माना गया है. करें यह खास उपाय बुढ़वा मंगल के दिन बजरंगबली से जुड़े कुछ उपायों को करने से व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है जिससे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और आर्थिक वृद्धि के साथ मान सम्मान में […]...
धर्म

अपरा एकादशी पर भूल से भी न करें ये 5 काम, लाइफ में आ सकती हैं मुसीबतें!

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हिन्दू धर्म में अपरा एकादशी का पर्व ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के हर साल बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. अपरा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है. ये एकादशी इस साल 2024 में 2 जून को मनाई जाएगी. ऐसी मान्यता है कि अपरा एकादशी के दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों का नाश होता है और लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसके अलावा ग्रह दोषों का भी निवारण होता है. अपरा […]...
धर्म

भारत-चीन युद्ध, प्राकृतिक आपदा और कल्कि अवतार… क्या है भविष्य मालिका की भविष्यवाणी?

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भविष्य मालिका उड़िया भाषा में लिखी एक प्राचीन पुस्तक है. इसमें भविष्य में होने वाली घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं, युद्धों और सामाजिक परिवर्तनों सहित विभिन्न विषयों पर भविष्यवाणियां की गई हैं. पुस्तक 16वीं शताब्दी के संत अच्युतानंद दास द्वारा लिखी गई थी. इस पुस्तक में की गई भविष्यवाणियों को पहेलियों में लिखा गया है, जिनका डिकोड करना माफी मुश्किल है और इसीलिए इसमें लिखी गई बातों के कभी-कभी कई अर्थ निकाल लिए जाते हैं. शुरू होगा तीसरा विश्व युद्ध भविष्य मालिका किताब के अनुसार, 2024 के बाद से कभी भी तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो जाएगा, जो अगले 6 साल और […]...
धर्म

रात को 3 बजे अचानक खुल जाती है नींद, तो हो सकते हैं यह दैवीय संकेत!

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Brahma Muhurat: अगर आपकी भी नींद सुबह 3 से 5 बजे की बीच यानी ब्रह्म मुहूर्त मे रोजना खुल जाती है तो इसके कुछ दैवीय संकेत माने जाते हैं. ऐसे में कहा जाता है कि कोई दैवीय शक्ति आपको संदेश देना चाहती है, आपको कुछ समझाना चाहती है. सुबह 3 से 4:30 बजे के बीच का समय देवताओं का समय माना जाता है. इस समय नींद खुलने पर सृष्टि और दैवीय शक्ति यह संकेत देती हैं कि आप जाग जाएं और अपने इष्ट देवता की पूजा करें, आपको भगवान का जाप करना चाहिए क्योंकि कई शक्तियां आपको पाने के लिए […]...