उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर हेली सेवा का टेंडर अंतिम चरण में पहुंच गया है और इसके 5 मार्च के आसपास खुलने की संभावना है। इस बार पूरी प्रक्रिया डीजीसीए के सुरक्षा प्रतिबंधों और मानकों को ध्यान में रखते हुए पूरी की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान उड़ान संचालन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके।यात्रा के मद्देनजर केदारनाथ और बद्रीनाथ में दो नए एटीसी स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं। लाइव ट्रैकिंग डिवाइस की खरीद, कॉमन ग्राउंड हैंडलिंग व्यवस्था, अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती और मौसम की सटीक जानकारी के लिए सिलीमीटर समेत अन्य उपकरणों की स्थापना की प्रक्रिया भी प्रगति पर है। पिछली यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से शटल सेवाओं की संख्या में कटौती की गई थी, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार भी संचालन की रणनीति तैयार की जा रही है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि चारधाम हेली सेवा का टेंडर फाइनल स्टेज में है और 5 मार्च के आसपास ओपन होने की उम्मीद है। डीजीसीए के सुरक्षा मानकों के अनुरूप टेंडर को वेट कराया गया है ताकि बेहतर और सुरक्षित फ्लाइंग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बद्रीनाथ में नए एटीसी स्थापित करने, लाइव ट्रैकिंग डिवाइस लगाने, ग्राउंड हैंडलिंग को सुदृढ़ करने और मौसम संबंधी उपकरणों की स्थापना की दिशा में कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछली बार की तरह इस बार भी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, डीजीसीए और मौसम विभाग के अधिकारियों को यात्रा अवधि में तैनात किया जाएगा। शटल सेवाओं और मौसम की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी तथा खराब मौसम में उड़ानों को प्रतिबंधित किया जाएगा। डीजीसीए द्वारा शटल संख्या में करीब 30 प्रतिशत की कटौती के कारण किराए पिछले सेकंड फेज के समान या थोड़ा अधिक स्तर पर रहने की संभावना है।
