मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने डॉ. आर. एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में संचालित विभिन्न परियोजनाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियागत बाधा आ रही है, तो उसका त्वरित समाधान किया जाए यदि समस्या शासन स्तर की है तो तत्काल शासन के संज्ञान में लाया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग मासिक लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुरूप नियमित कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लंबित टेंडर, स्वीकृतियों और तकनीकी अनुमोदनों को शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिलास्तर पर DM व CDO परियोजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करें। पेयजल कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि गर्मी का सीजन आ रहा है, इसलिए पेयजल से संबंधित कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान ₹3678.23 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे जमरानी बांध परियोजना की वर्तमान प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित समय जून 2029 तक परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए। टनल निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोजना के अधिकारियों को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन टनल एवं अन्य निर्माण कार्य स्थलों का भ्रमण कराएं, ताकि वहॉं के कार्यों से अनुभव लेकर यहॉं के कार्यों में प्रगति आए। उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय में बीएड विधि संकाय भवन निर्माण, मानसिक चिकित्सालय गेठिया तथा मेडिकल कालेज में स्टेट कैंसर संस्थान के निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता एवं समयबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने नमो भवन के निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों तथा इस संबंध में बनाई गई डीपीआर आदि के संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश कुमाऊं आयुक्त को दिए।बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री श्री दीपक रावत, DM श्री ललित मोहन रयाल, SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी, DFO श्री आकाश गंगवार, SP डॉ. जगदीश चंद्रा, श्री मनोज कत्याल, ADM शैलेंद्र सिंह नेगी, PWD के अधीक्षण अभियंता श्री मनोहर सिंह धर्मशक्तू,पेयजल निर्माण निगम के अधीक्षण अभियंता श्री अनूप पाण्डे सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
