श्रीनगर गढ़वाल के गोला बाजार में “मि उत्तराखंडी छौं” कार्यक्रम के तहत आयोजित पहाड़ी परिधान प्रतियोगिता में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने पारंपरिक गढ़वाली वेशभूषा में प्रतिभाग कर संस्कृति संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “सुण दीदी सुण भुली, मैं त अपण संस्कृति बचौंण चली”, और सभी से पर्वों व विशेष अवसरों पर पहाड़ी परिधान धारण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मेयर आरती भंडारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, पार्षदों, महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर लोकसंस्कृति की छटा बिखेरी। “स्वाणि नौनी, स्वाणु नौनु, द्वि झणां” प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने गढ़वाली परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की। विजेताओं में सोनाली (महिला वर्ग), अभय (पुरुष वर्ग), रचित गर्ग एवं मारिषा पंवार (युगल वर्ग), रश्मि (पार्षद महिला वर्ग), शुभम प्रभाकर (पार्षद पुरुष वर्ग) और संजय राणा (निगम कर्मचारी वर्ग) शामिल रहे। जिलाधिकारी ने निर्णायकों अंबिका रावत, शेखर काला और सुधांशु को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति, भाषा, लोकनृत्य और परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं। पूरा आयोजन लोकगीतों, रंग-बिरंगे परिधानों और उल्लास से सराबोर रहा।
