11.1 C
Dehradun, IN
January 15, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
देश

कंचनजंगा हादसा: मालगाड़ी के ड्राइवर की नहीं थी कोई गलती, यूनियन का दावा

पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी के पास हुए हादसे में मृत मालगाड़ी चालक को दोषी ठहराया जा रहा था, जिसके बाद अब चालक संघों ने मालगाड़ी चालक के समर्थन में कुछ डॉक्यूमेंट पेश किए हैं, जिसमें चालक संघों ने मालगाड़ी चालक की बेगुनाही साबित की है.

17 जून को न्यू जलपाईगुड़ी में मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी, जिसमें मालगाड़ी के चालक के साथ अन्य 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए. इस हादसे के लिए रेलवे बोर्ड ने मृत मालगाड़ी के चालक को इस दुर्घटना का जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन अब चालक संघ ने मालगाड़ी चालक की बेगुनाही को साबित करने के लिए कुछ डॉक्यूमेंट पेश किए हैं.

बनाया जा रहा ‘बलि का बकरा’

चालक संघ ने मृत चालक के समर्थन में आधिकारिक पत्र टी/369 (3बी) का जिक्र किया, जिसमें मालगाड़ी चालक को रानीपतरा स्टेशन परिसर के बाद दो खराब सिग्नल को पार करने की बात कही गई थी, इस पत्र में ट्रेन की गति सीमा 15 किलोमीटर प्रति घंटा रखने का जिक्र किया गया था लेकिन दूसरे पत्र- टी/ए 912 में ट्रेन की गति को लेकर किसी भी तरीके का कोई उल्लेख नहीं किया गया था. चालक संघों का कहना है कि हादसे में मालगाड़ी के चालक की भी मौत हो गई है और उसका पक्ष हमें पता नहीं है ऐसे में उसे दोषी ठहराना रेलवे की कमियों के लिए उसे ‘बलि का बकरा’ बनाने के समान है.

एक्जिक्यूटिव चेयरमैन ने भी दिया बयान

इंडियन रेलवे लोको रनिंग मैन ऑर्गनाइजेशन (IRLRO) के एक्जिक्यूटिव चेयरमैन संजय पांधी ने 21 जून को दिए गए अपने बयान में कहा कि सुबह 5.50 बजे के बाद रानीपतरा स्टेशन से गुजरने वाले सभी सात ट्रेन चालकों को नौ खराब सिग्नलों को पार करने के लिए टी/ए 912 जारी किया गया था और इसमें किसी गति सीमा का उल्लेख नहीं है और रानीपतरा स्टेशन परिसर से निकलने के तुरंत बाद दो सिग्नलों को पार करने के लिए अलग से टी/369 (3बी) जारी किया गया था जिसमें गति सीमा 15 किलोमीटर प्रति घंटे रखी गई थी. उन्होंने अपने बयान में आगे बताया कि टी/369 (3बी) पत्र और कई खराब सिग्नल में ड्राइविंग के मौजूदा नियम यह साबित करते हैं कि मालगाड़ी चालक सभी दोषपूर्ण सिग्नलों को सामान्य गति से पार कर रहा था.

Related posts

मानहानि मामला: कोर्ट में नहीं पेश हुए राहुल गांधी, संसद की कार्यवाही का दिया हवाला, अगली सुनवाई कब?

Uttarakhand Vidhansabha

आज से 18वीं लोकसभा का पहला सत्र, पहले दिन PM मोदी समेत 280 सांसद लेंगे शपथ

Uttarakhand Vidhansabha

बोल बदरी विशाल की जय के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले भू बैकुंठ नगरी श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट, छह माह के लिए यात्रा का मंगल शुभारम्भ,,,,

Uttarakhand Vidhansabha