मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून के सेलाकुई स्थित सुगंध पौधा केंद्र (सेंटर फॉर एरोमैटिक प्लांट्स – CAP) पहुंचे। इस केंद्र में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026-2036 का शुभारंभ किया। इस क्रांतिकारी नीति के तहत राज्य में सुगंधित फसलों की खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में 5 सैटेलाइट सेंटर्स का शिलान्यास किया, सुगंधित तेलों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए AMS (C-14) परीक्षण प्रयोगशाला का शिलान्यास किया तथा सैटेलाइट सेंटर भाऊवाला का लोकार्पण किया। साथ ही, सुगंध पौधा केंद्र और डाबर इंडिया लिमिटेड के बीच तिमूर (Timur) उत्पादन पर महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर हुए।आपको बता दें कि 2003 में स्थापित यह केंद्र वैज्ञानिकों द्वारा पहाड़ी किसानों के लिए सुगंधित खेती पर रिसर्च करता है और उन्नत प्रजाति के पौधे उपलब्ध कराता है।नीति के तहत 1 हेक्टेयर तक 80% और इससे अधिक पर 50% सब्सिडी, प्रशिक्षण, फसल बीमा, पैकेजिंग-ब्रांडिंग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।प्रथम चरण में 22,750 हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की खेती कर लगभग 1 लाख किसानों को जोड़ा जाएगा। 7 अरोमा वैलियों का विकास होगा, जहां विशिष्ट फसलें जैसे सिनेमॉन (पिथौरागढ़, चमोली, उधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल में) और लेमनग्रास-मिंट (हरिद्वार, पौड़ी में) उगाई जाएंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में सुगंधित फसलों का टर्नओवर 100 करोड़ रुपये है, जो 10 वर्षों में 1200 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा।सरकार काशीपुर में 300 करोड़ रुपये से अरोमा पार्क विकसित कर रही है और हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड से उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है।उत्तराखंड की यह महक जल्द पूरी दुनिया में फैलेगी।कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
