रुड़की-मंगलोर हाईवे पर अवैध प्लाटिंग और अवैध निर्माण करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन का बड़ा डंडा चला है। हमारी खबर का एक बार फिर बड़ा असर हुआ है। मीडिया में प्रमुखता से खबर दिखाए जाने के बाद, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। एचआरडीए की वीसी (VC) सोनिका मीणा के सख्त निर्देशों पर विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है…. रुड़की में अवैध निर्माण और बिना नक्शा पास कराए कॉलोनी काटने वाले भू-माफियाओं की अब खैर नहीं है। मीडिया में अब्दुल कलाम चौक के पास हो रही अवैध प्लाटिंग की खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।प्राधिकरण ने रुड़की-मंगलोर हाईवे पर स्थित ‘न्यू एरा रेजीडेंसी’ के मालिक अंजार अहमद को एक सख्त ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है।आपको बता दें कि इस पूरी कार्रवाई के पीछे एचआरडीए की वीसी सोनिका मीणा की जीरो टॉलरेंस नीति साफ नजर आ रही है। वीसी सोनिका मीणा के कुशल नेतृत्व और सख्त रुख के कारण ही आज रुड़की में अवैध प्लाटिंग करने वालों के हौसले पस्त हो चुके हैं। उनके साफ निर्देश हैं कि क्षेत्र में किसी भी सूरत में अवैध और बिना ले-आउट पास कराए निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सोनिका मीणा के इसी विजन को धरातल पर उतारने का काम कर रहे हैं एचआरडीए के तेजतर्रार सहायक अभियंता टी.एस. पंवार। टी.एस. पंवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना वक्त गंवाए मौके का मुआयना किया और पाया कि अब्दुल कलाम चौक के पास लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना किसी मानचित्र या ले-आउट स्वीकृति के अवैध रूप से प्लाटिंग का निर्माण कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा था। टी.एस. पंवार की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्यप्रणाली की क्षेत्र में जमकर तारीफ हो रही है, जिन्होंने भू-माफियाओं के सिंडिकेट पर सीधा प्रहार किया है।उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत जारी किए गए इस नोटिस में साफ कहा गया है कि क्यों न इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाए। विभाग ने आरोपी पक्ष को 28 मई 2026 को दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 के बीच प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित होकर जवाब दाखिल करने और सबूत पेश करने का आखिरी मौका दिया है।इतना ही नहीं, नियमों का उल्लंघन करने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना और उल्लंघन जारी रहने पर 2,500 रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त दंड भी भुगतना पड़ सकता है। साथ ही विभाग की टीम को रोकने या बाधा डालने पर 6 महीने तक की जेल का भी प्रावधान है।एचआरडीए वीसी सोनिका मीणा के कड़े रुख और सहायक अभियंता टी.एस. पंवार की इस ऑन-फील्ड मुस्तैदी ने यह साफ कर दिया है कि रुड़की में कानून से ऊपर कोई नहीं है। अब देखना यह होगा कि 28 मई को आरोपी पक्ष क्या जवाब दाखिल करता है, या फिर विभाग का बुलडोजर इस अवैध साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने के लिए कूच करेगा।
