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February 4, 2026
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दाने-दाने को तरसे, पिता को ठीक से देख भी नहीं पाए, जसप्रीत बुमराह की दर्दनाक कहानी

जसप्रीत बुमराह को टी20 वर्ल्ड कप 2024 की जीत का सबसे बड़ा हीरो कहा जाए, तो ये गलत नहीं होगा. वो इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम के सबसे बड़े हथियार थे. उन्हीं के दम पर साउथ अफ्रीका के खतरनाक बल्लेबाजों के सामने भारतीय टीम फाइनल में 177 के स्कोर बचाने में कामयाब रही. उन्होंने शुरुआती झटके देकर टीम का हौसला बढ़ा दिया था. इसके बाद जब 30 गेंद में 30 रन बचाने जैसे नामुमकिन काम को मुमकिन बना दिया और वो ट्रॉफी दिलाई, जिसका भारतीय फैंस को 11 सालों से इंतजार था. तभी से वो हर भारतीय की आंखों का सितारा बने हुए हैं, लेकिन आज इतना प्यार पाने वाले जसप्रीत बुमराह कभी अपने पिता के प्यार के लिए तरसते थे. इस मुकाम को हासिल करने का उनका सफर इतना दर्दनाक रहा कि आपको उनकी कहानी जानकर रोना आ जाएगा.

पिता को ठीक से देख भी नहीं पाए बुमराह

हर बच्चे को बचपन में अपने पिता के साथ खेलने, घुमने और मस्ती करने का शौक होता है, लेकिन जसप्रीत बुमराह के नसीब में शायद ये नहीं लिखा था. दीपल त्रिवेदी नाम की एक पत्रकार और बुमराह की करीबी ने उनके दर्दनाक कहानी को बयां किया है. उन्होंने खुलासा किया कि बुमराह ने ठीक से होश भी नहीं संभाला था कि उनके पिता की मौत हो गई. वो अपने पिता के साथ खेलने, घुमने तो दूर उन्हें ठीक से देख भी नहीं पाए.

इसके बाद उनकी मां ने उन्हें एक कमरे में पाल-पोशकर बड़ा किया. बुमराह की एक बड़ी बहन भी थी. पिता के गुजर जाने के बाद उनकी मां दोनों बच्चों को पालने के लिए हर रोज 16 से 18 घंटे तक काम करती थीं. इसके बावजूद नन्हें से बुमराह की आम जरूरतें भी पूरा नहीं हो पाती थी. उन्हें कई बार दूध भी नहीं मिल पाता था.

दाने-दाने के लिए तरसे

जसप्रीत बुमराह जब छोटे बच्चे थे, तब उन्हें दूध के लिए तरसना पड़ा और जब थोड़े बड़े हुए, तब खाने के लिए. पिता के जाने के बाद उनकी मां भविष्य सुधारने के लिए दिन-रात मेहनत करती थीं, लेकिन आमदनी इतनी कम होती थी कि परिवार को कभी-कभी खाना भी नसीब नहीं हो पाता था. कई बार बुमराह केवल बिस्किट खाकर रह जाते थे. वहीं कोई दिन ऐसा भी होता था, जब उन्हें भूखे पेट सोना पड़ता था.

खाने के अलावा उनकी रोजमर्रा की जरूरत भी पूरा नहीं पाती थी. उनकी करीबी ने खुलासा किया कि जब वो 8 साल के थे, तब दीवाली का समय था और ठंड में उन्हें विंडचीटर की जरूरत थी, लेकिन वो इसके बारे में मां कहने के बजाय उनके दुपट्टे से छुपे हुए थे. उस वक्त उन्होंने बुमराह को विंडचीटर गिफ्ट किया था.

शर्मीले और दुबले-पतले थे बुमराह

दीपल ने बताया कि जसप्रीत बुमराह जन्म से ही दुबले-पतले और कमजोर थे. उन्होंने बताया कि जन्म के समय नन्हे से बुमराह चाहकर भी नहीं मुस्कुरा पाए थे. अपनी धारदार यॉर्कर से विरोधी टीम में हलचल पैदा कर देने वाले जसप्रीत बुमराह कभी बचपन से ही शांत और शर्मिले थे. उनका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता था और वो प्लास्टिक की गेंद से खेला रहते थे.

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