इंदौर। चोरी-डकैती और लूट जैसी घटनाओं के लिए पुलिस ने रिपोर्ट तैयार की है। इसमें उन 50 रास्तों को चिन्हित किया है, जिनका अपराधी उपयोग करते हैं। इन रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। एआइ तकनीक के कैमरे भी खरीदे जा रहे हैं। कैमरे फेस रिकग्निशन होंगे। 17 स्थानों पर एनपीआर तकनीक के कैमरे लगेंगे, जिससे गाड़ी नंबर का पता लग सकेगा।
जोन-1, जोन-2 और जोन-3 में अधिक घटनाएं
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) अमितसिंह के मुताबिक पिछले सात महीने में हुई चोरी की घटनाओं का विश्लेषण करने पर जोन-1, जोन-2 और जोन-3 में अधिक घटनाएं सामने आईं। चोरों ने तीन जोन के बाहरी क्षेत्रों में बसी कालोनियों में वारदात की है। डीसीपी स्तर के अफसरों ने चोरों के आने-जाने वाले रास्तों का डेटा बैस तैयार किया है। इन रास्तों को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय और जनसहयोग के पीटीजेड, एनपीआर और एआइ कैमरे लगाए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक 50 से ज्यादा कालोनियां ऐसी हैं, जिनमें बदमाश धार, खंडवा, देवास और बेटमा की ओर से आसानी से आकर निकल जाते हैं। इन रास्तों में बैरिकेडिंग और नाकाबंदी का नए सिरे से प्लान तैयार किया जाएगा। घटनाओं का विश्लेषण कर डायर-100 के नोडल पाइंट निश्चित कर पेट्रोलिंग की जाएगी।
इन रास्तों से आते हैं चोर
राऊ गोल चौराहा, बायपास सेंटर पाइंट, पालदा-नेमावर बायपास, तेजाजीनगर बायपास, नावदापंथ-धार रोड, पालिया-उज्जैन रोड, राऊ-पीथमपुर रोड, बुधानिया-हातोद रोड, दिलीप नगर चौराहा बिजासन रोड, खंडवा ब्रिज के नीचे, स्कीम-140 रोड, नायता मुंडला आरटीओ रोड, बेस्ट प्राइस जंक्शन, एमआर-10 बायपास, टीसीएस चौराहा, गोम्मटगिरी-नैनोद रोड, रालामंडल।
