सोशल मीडिया में भवाली मस्जिद को लेकर एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा जिसका संज्ञान नैनीताल प्रशासन, वन विभाग और भवाली नगर पालिका ने लेते हुए मस्जिद क्षेत्र का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी है। बता दे कि एक दंपत्ति ने सोशल मीडिया में भवाली भीमताल मार्ग बाईपास से भवाली मस्जिद का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया वो बता रहे हैं की जंगल के बीच वन भूमि पर बड़ी मस्जिद और उसकी आड़ में निर्माण कार्य कर किए गए हैं। हालांकि मस्जिद प्रबंधन ने दस्तावेज पेश किए और बताया कि ये वक्फ की भूमि है और 1935 में इस भूमि की रजिस्ट्री के बाद 1936 में इसका गजट नोटिफिकेशन हुआ है। 1956 व 1965 में सरकार ने कुछ जमीन और दी है। जबकि कब्रिस्तान की लीज का मामला अब भी वन विभाग में विचारधीन है। वहीं 1945 के पालिका के नक्से में भी जमीन में मस्जिद दर्शाया गया है तो सरकार ने 2016 में चार दीवारी के लिये पैंसा भी दिया है। वही प्रशासन ने बताया वन विभाग ने अपने नक्शे देखने के बाद मस्जिद के लिए 5016 वर्गफुट (दो नाली पांच मुट्ठी )जमीन लीज पर दी गई है। 1945 के भवाली नगर पालिका के रिकॉर्ड में भी ये मस्जिद और इसमें बने दो कमरों का जिक्र है। लेकिन पालिका के इसी रिकॉर्ड में मस्जिद का क्षेत्रफल तकरीबन 44 नाली दर्ज है। प्रशासन ने भूमि की वर्तमान स्थित को स्पष्ट करने के निर्देश दिए है साथ ही वन विभाग और पालिका को ये बताने को कहा है की दोनों के क्षेत्रफल में भिन्नता क्यों है?
