जनपद मुख्यालय पर आज लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ को अत्यंत उत्साह और धूम–धाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा एक विशाल ‘एकता मार्च’ का आयोजन किया गया। जिसमें ज़िले के माननीय जनप्रतिनिधियों, जिलास्तरीय अधिकारियों, विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र–छात्राओं, अन्य संगठन तथा समाज के सभी वर्गों के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यात्रा का उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र को एकजुट करने के सपने को याद करना और लोगों में एकता, अखंडता तथा राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना था।


कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ हुआ उसके बाद वहां उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय एकता और नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ ली।

एकता मार्च/पद यात्रा का शुभारंभ रामलीला मैदान से जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के नारों के साथ, जिला मुख्यालय के मुख्य मार्गों से होते हुए यह पदयात्रा रामलीला मैदान में सम्पन्न हुई। पदयात्रा में विभिन्न सांस्कृतिक और पारंपरिक वेशभूषा में उत्तराखंड की विविधता और एकता को दर्शाते लोग शामिल हुए। पदयात्रा में स्कूली बच्चों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और सरदार पटेल के संदेश लिखे बैनर ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि जब देश आजाद हुआ तब राष्ट्र को सरदार पटेल ने अपनी दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति से 562 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कर देश को एक सूत्र में बांधा था।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी को राष्ट्रीय एकता और नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई और उन्होंने युवाओं से आवाह्न किया कि वे देश की एकता और अखंडता के लिए सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें।


जिसमें सभी उपस्थित नागरिकों ने राष्ट्र की एकता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लिया।

