जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड ऊखीमठ की ग्राम त्युंग-परकंडी स्थित पौराणिक तुंगेश्वर(तुंगनाथ) मंदिर में नौ दिवसीय शिव महापुराण और रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में हर रोज कथा श्रवण हेतु सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। जबकि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा यज्ञ कुंड में विश्व कल्याण हेतु आहुतियां डाली जा रही हैं। तो वहीँ 17 नवम्बर को दिव्य जलकलश यात्रा का भी आयोजन होगा। बताते चलें कि ग्राम त्यूंग-परकंडी स्थित प्राचीन तुंगेश्वर महादेव मन्दिर का भव्य नवनिर्माण कार्य पिछले 22 सालों से चल रहा था,मंदिर निर्माण कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्रीय जनता के सहयोग से यहाँ पर 10 नवम्बर से 18 नवम्बर तक नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन चल रहा है,प्रत्येक दिन सैकड़ों श्रद्धालु व्यासपीठ से आचार्य बृज मोहन सेमवाल के मुखारबिंद से शिव महिमा का गुणगान श्रवण कर रहे हैं। तुंगेश्वर महादेव मंदिर के अध्यक्ष महंत श्री 108 स्वामी भवानंद पुरी महाराज ने बताया कि यह मंदिर पूर्व में आपदा के कारण जीर्णशीर्ण हो गया था। जिसके बाद 22 वर्षों से इस मंदिर के निर्माण की मजबूत नींव रखते हुए इसे भव्यता देने का कार्य किया जा रहा है। कहा कि मंदिर के निर्माण कार्य पूर्ण होने पर यहां यह धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। जबकि चराचर जगत के कल्याण को यज्ञ में नौ दिनों तक आहुतियां डाली जा रही हैं। प्रसिद्ध कोटेश्वर महादेव मंदिर रुद्रप्रयाग के महंत 108 स्वामी शिवानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि इस तरह के महायज्ञ से प्रकृति और समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है। कहा कि यह मंदिर दक्षिण भारत के मंदिरों की शैली के अनुरूप दिखाई पड़ रहा है, और यह गढ़वाल क्षेत्र पहला मंदिर मंदिर है जो अलग तरह से निर्मित किया गया। वहीँ स्थानीय आयोजक समिति के गंगाधर सकलानी ने कहा कि यहाँ पर भगवान शंकर जी का तुंग रूप में दर्शन होते हैं इसीलिए कारण इस गाँव का नाम त्युंग पड़ा है। तुंगनाथ मन्दिर में नो दिवसीयधार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता के साथ साथ दूर-दूर भी श्रद्धालुओं यहाँ पहुँचकर कथा श्रवण कर आशीर्वाद ले रहें हैं।
