उत्तराखंड सरकार ने इस वित्तीय वर्ष (2026-27) में कुमाऊं मंडल से शराब के जरिए भारी-भरकम राजस्व जुटाने का प्लान तैयार किया है। सरकार ने इस बार कुमाऊं मंडल को 944 करोड़ रुपए के राजस्व का बड़ा लक्ष्य दिया है। सरकार ने इस बार कुमाऊँ मंडल में 40 नई शराब की दुकानें भी आवंटित की है वहीं दूसरी ओर, शराब के शौकीनों से होने वाली अवैध वसूली (ओवररेटिंग) को रोकने के लिए आबकारी विभाग ने इस बार कड़ा रुख अपनाया है। अब हर दुकान पर न सिर्फ रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य होगा, बल्कि आबकारी इंस्पेक्टर का मोबाइल नंबर और एक ‘शिकायत QR कोड’ (स्कैनर) भी लगवाया है अगर किसी ने तय दाम से एक रुपया भी ज्यादा लिया, तो ग्राहक तुरंत मौके से ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेगा संयुक्त आबकारी आयुक्त कुमाऊं मंडल, केके कांडपाल ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में मंडल को 875 करोड़ रुपए के राजस्व का टारगेट मिला था। इस बार इसे बढ़ाकर 944 करोड़ रुपए कर दिया गया है। वर्तमान में कुमाऊं मंडल में कुल 395 शराब की दुकानें संचालित हैं। राजस्व बढ़ाने के लिए इस साल नई दुकानों का आवंटन किया गया है, जिसके तहत उधम सिंह नगर 23 नई दुकानेंसंयुक्त आबकारी आयुक्त ने बताया कि जिलाधिकारियों की संस्तुति (सिफारिश) के बाद इस वित्तीय वर्ष में स्वीकृत अल्मोड़ा की 3, चंपावत की 4, बागेश्वर की 4 और पिथौरागढ़ की 4 नई दुकानों का आवंटन रद्द (निरस्त) भी कर दिया गया है।स्कैनर और नंबर न लगाने वाले दुकानदारों पर होगी कानूनी कार्रवाई अक्सर शराब की दुकानों पर प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतें आती हैं। इसे रोकने के लिए आबकारी विभाग ने सख्त गाइडलाइन जारी की है अनिवार्य नियम के अनुसार सभी दुकान संचालकों को अपनी दुकान के बाहर साफ अक्षरों में रेट लिस्ट, नजदीकी आबकारी निरीक्षक का मोबाइल नंबर और ऑनलाइन शिकायत के लिए स्कैनर लगाना ही होगा।यदि कोई दुकानदार ओवररेटिंग करता है, तो ग्राहक वहां लगे स्कैनर को अपने मोबाइल से स्कैन करके सीधे विभाग को ऑनलाइन शिकायत भेज सकेगा संयुक्त आबकारी आयुक्त केके कांडपाल ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि जो भी दुकानदार अपनी दुकान पर शिकायत स्कैनर और इंस्पेक्टर का मोबाइल नंबर नहीं लिखेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
