धराली और थराली में आपदा का जो कहर रहा वो कुमाऊँ में ना हो इसके लिये प्रशासन एक्टिव मोड़ में आ गया है..कुमाऊँ के सभी ऐसे इलाकों को चिन्हित किया जा रहा है जहां नाले नदियों के किनारे अतिक्रमण कर आबादी बस गई है..नैनीताल के हल्द्ववानी में ही देवखड़ी,रकसीया व कल्सिया नाले में 600 परिवार अतिक्रमण की जद में हैं..इसके साथ ही अल्मोड़ा बागेश्वर पिथौरागढ चम्पावत में भी ऐसे इलाके हैं जहां नाले व वाँटर बाँड़ी में कई लोगों ने जमीनों पर कब्जा कर निर्माण कर दिया है..कुमाँऊ कमिश्नर ने खतरे की जद में रहे परिवारों को कहा है कि वो खुद ही ऐसे स्थानों को छोड़ दें..वहीं कमिश्नर कुमाऊँ दीपक रावत ने बताया कि अगर लोग खुद नहीं छोड़ते तो सभी जिलों के प्रशासन को निर्देश हैं कि उनको चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की जाए। आपको बतादें कि नदी नाले और पोखरों के आस पास बसी आबादी के लिये हमेशा ही खतरा रहता है धराली की घटना के बाद ऐसे स्थानों पर रह रहे लोगों की चिंता और बढा दी है।
