बागेश्वर खडिया खनन मामले में कई अधिकारी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं..हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस कोर्ट ने सचिव खनन के साथ अपर सचिव खनन को कोर्ट में पेशी का आदेश दिया है..कोर्ट ने पूछा है कि जो स्टाँक वैरिफिकेशन रिपोर्ट है वो सुप्रीम कोर्ट में ऐसे कैसे पेश की गई कि समस्त मानकों पर जांच की गई है। कोर्ट ने 11 दिसंबर को इन अधिकारियों को कोर्ट में बुलाया है। आपको बतादें कि इसी स्टाँक वैरिफिकेश रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने 29 खादानों को राहत दी थी..हांलाकि आज सरकार कोर्ट में ये रिपोर्ट की मूल दस्तावेज दाखिल नहीं कर सकी है। आपको बतादें कि हाईकोर्ट ने खडिया खनन से पर्यावरण को नुकसान के बाद 173 खादनों पर खनन की रोक लगा दी थी और कई निर्देश जारी किये थे..वहीं सुप्रीम कोर्ट मामले पहुंचा तो सुप्रीम कोर्ट ने 29 खदानों को सशर्त अनुमति दी और कहा कि मानक पूर्ण हों..वहीं सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट से 29 को अनुमति दी है तो कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी है। आपको बतादें कि बागेश्वर में खडिया खनन से ना सिर्फ पर्यावरण प्रभावित हुआ है बल्कि कई घरों पर दरारें आ गई है..इससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के बाद कई याचिकाएं हाईकोर्ट में लम्बित हैं।
