“UNESCO ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा के नवाचार को वैश्विक मंच पर सराहा बालिकाओं के डिजिटल सशक्तिकरण और ICT-AI आधारित समावेशी शिक्षा को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान”

देहरादून, उत्तराखंड UNESCO Institute for Information Technologies in Education (IITE) ने अपनी नई वैश्विक मार्गदर्शिका “Guide for Educators to Support Gender Transformative Integration of ICT and Al into Secondary and TVET Classrooms in the Global South” में उत्तराखंड के प्रयासों को शामिल किया है।

इस रिपोर्ट में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा द्वारा बालिकाओं और महिलाओं को डिजिटल साक्षरता, तकनीकी कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए किए गए नवाचारों को वैश्विक स्तर पर उदाहरणीय मॉडल बताया गया है।शिक्षा मंत्री विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखंड डॉ धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहाः

“UNESCO की इस मान्यता से राज्य और भारत का गौरव बढ़ा है। यह हमारे समावेशी और भविष्योन्मुख शिक्षा के प्रति संकल्प का प्रमाण है। यह उपलब्धि शिक्षकों और नीति-निर्माताओं को और भी नवाचार करने तथा बालिकाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए प्रेरित करेगी।”सचिव शिक्षा, रविनाथ रामन ने कहा कि यह सम्मान विद्यालयी शिक्षा के शिक्षकों, अधिकारियों, और नीति-निर्माताओं के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उत्तराखंड ने दिखाया है कि शिक्षा में तकनीक का उपयोग केवल सीखने का साधन नहीं, बल्कि समानता और न्याय स्थापित करने का मार्ग भी है।

निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड, बन्दना गर्ज्याल ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे SCERT उत्तराखंड का सतत प्रयास है, जिसने ICT और AI को समावेशी दृष्टिकोण से जोड़ा। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की बालिकाओं को डिजिटल उपकरणों से जोड़कर अवसर प्रदान कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है।

उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। UNESCO की हालिया रिपोर्ट में राज्य की महिला शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण को वैश्विक दक्षिण के लिए प्रेरणादायक केस स्टडी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

