अंकिता भंडारी मर्डर केस एक बार फिर पूरे उत्तराखंड में चर्चाओं के केंद्र में है। जैसे-जैसे इस हत्याकांड में नए खुलासे सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे प्रदेश का राजनीतिक माहौल भी गरमाता जा रहा है। प्रदेश भर में विपक्ष और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद नैनीताल के रामनगर क्षेत्र अंतर्गत पिरूमदारा में क्षेत्रवासियों का जनसैलाब सड़कों पर उतर आया। पिरूमदारा में महिलाओं, बच्चों और युवतियों ने ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकालकर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग की, यह कैंडल मार्च पिरूमदारा स्थित किसान इंटर कॉलेज से शुरू होकर मुख्य मार्गों से होते हुए पिरूमदारा तक निकाला गया,मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने मोमबत्तियां जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अंकिता को न्याय दो” जैसे नारों के साथ अपना आक्रोश जाहिर किया। कैंडल मार्च को संबोधित करते हुए संजय नेगी और मंजू नेगी ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में लगातार बड़े और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सरकार उन्हें बचाने और संरक्षण देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी यह दर्शाती है कि वह सच्चाई सामने आने से डर रही है। यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने के लिए है। नेताओं ने सवाल उठाया कि जब इस मामले में कई वीआईपी के नाम सामने आ चुके हैं, तो सरकार सीबीआई जांच से क्यों बच रही है। यदि सरकार और संबंधित लोग निर्दोष हैं, तो उन्हें सीबीआई जांच से डरने की कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ एक कैंडल मार्च नहीं, बल्कि सरकार को जगाने का प्रयास है। कैंडल मार्च में शामिल महिलाओं, बच्चों और युवतियों ने एक स्वर में कहा कि अंकिता भंडारी को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए और इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक ऐसे शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेंगे।
