जनपद रुद्रप्रयाग में आवारा गौ पशुओं की बढ़ती संख्या को लेकर जिलाधिकारी प्रतीक जैन गम्भीर नजर आते दिखाई दे रहे हैं। वहीँ आज जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग तथा नगर पंचायत अगस्त्यमुनि द्वारा निर्मित गौधाम (गऊ सेवा भवन) का नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी एंव जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा सयुक्त रूप से विधिवत लोकार्पण किया गया।यह आयोजन क्षेत्र में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण एवं सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बताते चलें कि कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा विधिविधान से पूजा-अर्चना कर गऊ सेवा भवन का औपचारिक लोकार्पण और गऊ पूजन तथा गौ माता को भोग अर्पित किया गया। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन,नगर पंचायत, व्यापार मंडल एवं आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही इस गौशाला का निर्माण संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि यह अगस्त्यमुनि क्षेत्र की पहली गौशाला है,जो हम सभी के लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर प्रदेशभर में गौशाला निर्माण पर विशेष फोकस किया जा रहा है, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में निराश्रित गोवंशों की समस्या को देखते हुए गौशालाओं का निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस गौशाला के निर्माण से नगर क्षेत्र के निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध हो सका है। उन्होंने जानकारी दी कि अगस्तमुनि नगर क्षेत्र में ही एक अन्य गौशाला हेतु भूमि का चयन की प्रक्रिया गतिमान है, जिसका निर्माण जिला खनन निधि (DMF) से प्रस्तावित है। वर्तमान गौशाला की क्षमता 53 गोवंशों की है,जबकि तिलवाड़ा सुमाडी क्षेत्र में भी गौशाला निर्माण के प्रस्ताव हैं,जिससे भविष्य में लगभग 190 गोवंशों के संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंशों की सेवा जनसहयोग से ही संभव है और आम नागरिक अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन व अन्य सामग्री का सहयोग कर गौ सेवा में सहभागी बन सकते हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी ने जिलाधिकारी सहित समस्त प्रशासनिक अधिकारियों, व्यापार मंडल एवं आम नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निरंतर सहयोग से ही इस गऊ सेवा भवन का निर्माण संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा एवं संरक्षण के उद्देश्य से यह गौधाम निर्मित किया गया है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने घर से रोटी व अन्य भोजन सामग्री लाकर गौ माता को अर्पित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में निराश्रित गौवंशों को भटकते देखना अत्यंत पीड़ादायक था, किंतु आज गौ माता को एक सुरक्षित आश्रय मिल सका है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे,मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत,उपजिलाधिकारी उखीमठ अनिल शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत, सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
