देहरादून जनपद के विकासनगर क्षेत्र से अवैध खनन के खेल का एक बड़ा खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के जरिए हुआ है। तहसील विकासनगर के ढकरानी क्षेत्र में आज सुबह 5 तारीख का एक वीडियो बड़ी तेजी से चर्चाओं में है, जिसमें एक स्थानीय युवक मौके पर खड़ा होकर यमुना नदी के सीने पर चल रहे अवैध खनन की पोल खोलता नजर आ रहा है। वीडियो में युवक का सीधा आरोप है कि पट्टा कहीं और आवंटित है और खनन कहीं और किया जा रहा है, वो भी भारी भरकम मशीनों के दम पर। इस वीडियो ने शासन-प्रशासन की मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कैसे प्रतिबंध के बावजूद यमुना में जेसीबी जैसी मशीनें उतारी जा रही हैं। पछवादून क्षेत्र के ढकरानी में अवैध खनन की खबरें अब सिर्फ चर्चाओं तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि आज सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने मौके की हकीकत बयां कर दी है। वायरल वीडियो में एक युवक साफ तौर पर यमुना नदी के बीचों-बीच खड़ा होकर यह आरोप लगा रहा है कि यहां नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। युवक का कहना है कि सुबह 5 बजे से ही दर्जनों जेसीबी नुमा मशीनों और सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध तरीके से खनिज सामग्री ढोई जा रही है। वीडियो में युवक स्पष्ट सुनाई दे रहा है कि वैसे तो यहां ‘अंबे एंटरप्राइजेज’ के नाम से एक लीज पट्टा आवंटित है, लेकिन असलियत में जहां यह खनन हो रहा है, वहां से पट्टे की जगह करीब 1 किलोमीटर दूर है। यानी लीज कहीं और है और खुदाई किसी दूसरी जगह पर की जा रही है। युवक ने यह भी दावा किया है कि यमुना नदी में 8-8 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है और इससे राजस्व की भी सीधे तौर पर चोरी की जा रही है। वीडियो में सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि खनन माफिया अपनी पहुंच का धौंस देते हुए शासन-प्रशासन और राजधानी में बैठे रसूखदारों के संरक्षण में यह सब कर रहे हैं। गौरतलब है कि पूरे पछवादून क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अवैध खनन की गतिविधियां चर्चाओं में हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना ग्रामीणों के आरोपों को और बल दे रहा है। सूत्रों की मानें तो इस पूरे अवैध खेल में क्षेत्र के स्टोन क्रशर मालिकों की भी मिलीभगत हो सकती है। अब देखना यह होगा कि इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद जिम्मेदार विभाग अपनी चुप्पी तोड़ता है या खनन माफियाओं का यह राज यूं ही चलता रहेगा।
