रुड़की के झबरेड़ा थाना क्षेत्र में महीनों पुराने गोकशी के मामले ने अब एक बड़ा रूप अख्तियार कर लिया है। हिंदू संगठनों ने पुलिस थाने का घेराव किया है, तो वहीं ग्रामीणों ने एक सत्ताधारी दल के नेता पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।मामला रुड़की के झबरेड़ा का है जहाँ आज हिंदू सेना उत्तराखंड और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने में दस्तक दी। कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। दरअसल, यह मामला कुछ महीने पहले शुरू हुआ था जब हिंदू संगठनों ने एक गंदे नाले से भारी मात्रा में गोवंश के अवशेष बरामद किए थे। उस वक्त पुलिस ने जांच का भरोसा दिया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।आज इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब पीड़ित ग्रामीण भी थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस के सामने लिखित शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीण यहीं नहीं रुके, उन्होंने सीधे तौर पर एक स्थानीय भाजपा नेता का नाम लेते हुए कहा कि उन्हीं के संरक्षण में 11 से 12 गोवंशों की बेरहमी से हत्या की गई और सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि इस गोवंश के मांस को एक शादी की दावत में परोसा गया।हिन्दू सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुज बजरंगी ने सख्त लहजे मे कहा कि हम पुलिस को चेतावनी देते हैं, अगर जल्द ही इन गो-हत्यारों और उन्हें संरक्षण देने वाले सफेदपोश नेताओं को जेल नहीं भेजा गया, तो उत्तराखंड की धरती पर एक बड़ा आंदोलन होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। अब ग्रामीणों और हिंदू संगठनों की मांग है कि उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच करे। क्या वाकई सत्ता के रसूख तले गोकशी जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया? क्या पुलिस दबाव में काम कर रही है? ये वो सवाल हैं जिनका जवाब अब झबरेड़ा पुलिस को देना है।वहीं इस पूरे मामले me एसपी देहात शेखर चंद सुयाल का कहना है कि मामले मे पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया h और ग्रामीणों द्वारा जो नाम प्रकाश मे आ रहे है उसमे झबरेड़ा थाना पुलिस जाँच कर रही है जाँच मे जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और हिंदू संगठनों ने ‘दो टूक’ शब्दों में बड़े आंदोलन की चेतावनी दे दी है। देखना होगा कि धामी सरकार में गोकशी के इन आरोपियों पर क्या कार्रवाई होती है।
