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February 4, 2026
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आयुष्मान खुराना की खुशी का ठिकाना नहीं, शायराना अंदाज में दी टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जीतने की बधाई

भारत और साउथ अफ्रिका के बीच वर्ल्ड कप का फाइनल मैच काफी रोचक रहा और इस रोचक मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रिका को 7 रनों से मात दे दी. इसके बाद से ही देशवासियों के बीच जश्न का माहौल है और अब भारत की झोली में कुल 4 वर्ल्ड कप आ चुके हैं. अब भारत के नाम 2 टी-20 वर्ल्ड कप और 2 ODI इंटरनेशनल वर्ल्ड कप हो गए हैं. साल 2023 में भी भारतीय टीम ODI वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची और वर्ल्ड कप की ट्रॉफी से चूंक गई. उस बात का मलाल भारत ने ज्यादा दिनों तक नहीं रखा और 7 महीने के अंदर ही वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर इतिहास रच दिया. इस मौके पर पूरी टीम को हर तरफ से शुभकामनाएं मिल रही हैं. बॉलीवुड एक्टर और क्रिकेट प्रशंसक आयुष्मान खुराना ने खास अंदाज में टीम को बधाई दी है.

भारतीय क्रिकेट टीम के फाइनल जीतने के बाद आयुष्मान खुराना की खुशी का ठिकाना नहीं है. कुछ समय पहले 2023 में भारत की हार पर आयुष्मान खुराना ने नाखुशी जताई थी और अब कुछ समय में ही भारत के ट्रॉफी पाने के बाद वे बहुत खुश हैं. वे कविताएं लिखते हैं और उन्होंने एक कविता के जरिए ही टीम इंडिया को इस जीत की बधाई दी है. उनकी इस कविता की फैन्स बहुत तारीफ कर रहे हैं और इसे टीम इंडिया को दिया गया बेस्ट ट्रिब्यूट माना जा रहा है.

क्या है कविता?

आयुष्मान ने वीडियो शेयर करते हुए कविता सुनाई. ‘सेमी फाइनल में कोहली के मुंह से निकला था बेन स्टोक्स, तब तो आलोचको ने लगा दिए थे सारे चोक्स, इस फाइन में दिखा दिया विराट ने अपना असली रूप, समझो प्यारे, इतना ही तो है जीवन, छांव और धूप. पंड्या को भी पिछले कुछ महीने में बहुत कुछ कहा-सुनाया, लेकिन फाइनल में उसी ने तो जलवा दिखाया है. और मूछें हों तो हार्दिक जैसी हों, वर्ना न हों, और बॉलिंग हो तो फिर बुमराह जैसी हो वर्ना न हो, और अक्सर, मैं और मेरी तन्हाई अक्सर ये बातें करती हैं कि अगर मेरा कैच न पकड़ा गया होता तो क्या होता, होता है ब्रो होता है, मैच में सबका साथ होता है.

मजा तो तब है जब हम भारतीय हार में भी अपने खिलाड़ियों के साथ शामिल हों, जिंदगी के उतार-चढ़ाव में उसको समझने की कोशिश करें, नहीं तो शर्मा जी का बेटा ऐसा नहीं कहता- आगे डालेगा तो देगा मैं, इस टीम का हर खिलाड़ी देश के लिए खेला है, अर्शदीप से अगर कैच छूटे तो उसे देशद्रोहा न कहें, शमी अगर ऊपरवाले को याद पिच पर करे तो उसे लगा लें गले, इस टीम में हिंदू, मुस्लिम और सिख हैं, और ये सब भारतीय दिखें, इंडिया-इंडिया, 19 नवंबर का जख्म अब तुमने भर दिया.’

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