रुड़की के सिविल लाइन इलाके में नीलम टॉकीज बिल्डिंग का विवाद एक बार फिर गहरा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष सैनी ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से नजूल की भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर गगनचुंबी इमारत खड़ी कर दी गई है। रुड़की का पॉश इलाका सिविल लाइन, जहाँ कभी नीलम टॉकीज हुआ करता था, आज वहां एक आलीशान बिल्डिंग खड़ी है। लेकिन इस चमक-धमक के पीछे भ्रष्टाचार की एक गहरी कहानी छिपी है।

कांग्रेस नेता आशीष सैनी का दावा है कि इस बिल्डिंग का नक्सा नियमों के अनुसार किया गया था लेकिन धरातल पर नियमों को पैरों तले रौंद दिया गया। नजूल की भूमि पर 2 मंजिल से ज्यादा निर्माण प्रतिबंधित है पर बावजूद इसके मानकों से अधिक मंजिलें खड़ी की गईं है फ्रंट और साइड सेटबैक छोड़ना अनिवार्य है जँहा पर सेटबैक के नियमों की सरेआम अनदेखी की गई है हैरानी की बात यह है कि कागजों में इस बिल्डिंग को विभाग द्वारा ‘सील’ दर्शाया गया है। लेकिन मौके की हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सील के बावजूद बिल्डिंग के अंदर अलग-अलग व्यापारिक गतिविधियां और कारोबार धड़ल्ले से चल रहे हैं। आशीष सैनी का आरोप है कि सिविल लाइन में ऐसी कई और बिल्डिंगें हैं, जहाँ विभाग ने केवल दिखावे के लिए कार्रवाई की है, जबकि पर्दे के पीछे अवैध निर्माण का खेल जारी है। सिविल लाइन की ज्यादातर जमीन नजूल की है, जहाँ दो तल से ज्यादा की अनुमति नहीं है। अधिकारियों से मिलीभगत कर यहाँ क्लिनिक के नाम पर नक्शा पास हुआ और नियम विरुद्ध मंजिलें तान दी गईं। कई जगह कागजों में सील लगी है, लेकिन अंदर कारोबार चल रहे हैं। हम नए अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग करते हैं। अब सबकी नजरें HRDA के नवनियुक्त अधिकारियों पर टिकी हैं। क्या विभाग अपने ही बीच बैठे भ्रष्ट चेहरों को बेनकाब करेगा? या फिर रसूखदारों के आगे नियमों की फाइलों को इसी तरह दबा दिया जाएगा?
