25 C
Dehradun, IN
August 5, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
उत्तराखण्डदेशमुख्य समाचारराज्य

“जंगलों की आग का कारण बनी चीड़ की पत्तियां, अब पर्यावरण की रक्षक—प्रदूषण-रहित कोयले ने बदला पहाड़ का भविष्य”

पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में उगने वाले चीड़ के पेड़ जिनकी पत्तियों से हर साल हजारों हैक्टर बन भूमि आग से जलकर खाक हो जाती है साथ ही पर्यावरण को भारी नुक़सान पहुंचता है पर अब यह चीड़ की पत्तियां वरदान साबित हो रही है साथ ही स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार का साधन भी बन रही है दर असल अब इस चीड़ के पेड़ की पत्तियों से प्रदूषण रहित कोयला तैयार किया जा रहा है ओर इस कोयले के चूल्हों की लगातार डिमांड बढ़ रही है इस की खाश बात यह है कि इसकी एक टाईम के खाना बनाने की लागत मात्र 8 रुपए है ओर यह पूर्ण रूप से धूंआ रहित है जिसके कारण यह मंहगे एल पी जी गैस सिलेंडर एवं लकड़ी से बनने वाली रसोई का बड़ा विकल्प सावित हो रहा है उत्तरकाशी में एक महीने के भीतर एक हजार से अधिक लोग इसकी खरीदारी कर चुके हैं ओर कही घरों एवं होम स्टे में इसे आग सेंकने के रूप में भी प्रयोग किया जा रहा है साथ ही चीड़ की पत्तियां जिन्हें जंगलों में लगने वाली आग का सबसे बड़ा कारण माना जाता है उसे ग्रामीण जंगलों से कठ्ठा कर 10 रूपए किलो के हिसाब से प्लांट को बेचकर रोजगार भी कमा रहे हैं

Related posts

उत्तराखंड की धरती का लाल पुष्कर सिंह धामी!

Uttarakhand Vidhansabha

मुख्यमंत्री ने देहरादून को दी बड़ी सौगात, ‘जुगमंदर हॉल’ का लोकार्पण और ₹1400 करोड़ की परियोजनाओं को मिली रफ्तार

Nidhi Jain

वनाग्नि रोकथाम को लेकर सख्त एक्शन मोड में मुख्य सचिव, फायर सीजन से पहले सभी तैयारियां अनिवार्य

Nidhi Jain

Leave a Comment