जब पहचान मजहब से नहीं, इंसानियत से बनी — कोटद्वार से ढंडेरा तक भाईचारे की तस्वीर….
उत्तराखंड से इंसानियत और भाईचारे की ऐसी तस्वीर सामने आई है। जो मौजूदा दौर की धर्म और पहचान की बहसों के बीच सुकून देती है। ये कहानी है उस भारत की जहां रिश्ते नाम या मजहब से नहीं बल्कि दिल से बनते हैंकोटद्वार में दीपक ने बाबा नाम की दुकान......
