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July 16, 2026
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मध्यप्रदेश

68 साल पुराने एमजेएस कॉलेज को मिला पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा, अब मिलेंगी ये सुविधाएं

भिंड। भिंड के 68 साल पुराने शासकीय एमजेएस कॉलेज (महाराजा जीवाजी राव सिंधिया) को पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा मिल गया है, यह दर्जा पाने वाला जिले का पहला कॉलेज है। नवीन सत्र से कॉलेज की शैक्षणिक सुविधाओं में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण कराया जाएगा। कॉलेज में नवीन पाठ्यक्रम शुरू होने के साथ ही फैकल्टी भी बढ़ेगी।

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत, हर जिले में एक सरकारी कॉलेज को पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 19 नवंबर 1956 को शहर में एमजेएस कॉलेज की शुरुआत हुई थी। शुरुआती समय में बीए, बीएससी और बीकॉम पाठ्यक्रम शुरू किए गए थे। वर्ष 1998 में इसे पीजी छात्रों के लिए अपग्रेड किया गया। भिंड जिले में कुल 12 शासकीय कॉलेज संचालित हो रहे हैं। पोर्टल अगर आप देखेंगे तो जिले में 11 कालेज दिखाई देंगे, क्योंकि ला कॉलेज की बिल्डिंग अलग दिखाई देती है। साथ ही चार अर्द्धशासकीय कालेज हैं, जिसमें शहर का जैन कॉलेज, कुसुमबाई कालेज, फूफ और अड़ोखर में संचालित कॉलेज है। वहीं जिलेभर में 60 निजी कॉलेज संचालित हो रहे हैं।

 

कॉलेज में वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या 5256

 

शासकीय एमजेएस कॉलेज में वर्तमान में 14 विषयों में पीजी हो रही है। कॉलेज में 5 हजार 256 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी 50 प्रोफेसरों पर हैं, जिसमें से 35 प्रोफेसर की नियुक्ति परमानेंट है, शेष गेस्ट फैकल्टी है। बता दें कि काॅलेज में पिछले साल ही विद्यार्थियों की सुविधाओं को देखते हुए ओपन जिम की शुरुआत की गई भी। वहीं कुछ साल पहले कॉलेज परिसर में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से नवीन बिल्डिंग का निर्माण कराया जा चुका है।

इस साल शुरू होंगे चार नवीन कोर्स, 18 प्रोफेसरों की होगी भर्ती

 

शहर के एमजेएस कॉलेज में नवीन सत्र से मैनेजमेंट, कंप्यूटर और बायोटेक्नोलॉजी कोर्स की शुरुआत हो रही है। साथ ही विद्यार्थी संस्कृत से ग्रेजुएशन भी कर सकेंगे। वहीं 18 प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी। वहीं कॉलेज में कृषि के क्षेत्र में नवीन पाठ्यक्रम शुरू कराए जाने को लेकर फिलहाल वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पत्राचार चल रहा है। उम्मीद है कि कृषि से जुड़े नवीन पाठ्यक्रम भी इस साल शुरू होंगे।

इन कोर्स की संबद्धता राजमाता कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर से की जाएगी। बता दें कि वर्तमान में एमजेएस कॉलेज जीवाजी यूनिवर्सिटी के साथ-साथ बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से भी अटैच हैं।

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