20.7 C
Dehradun, IN
April 15, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
मध्यप्रदेश

फरीदाबाद से भटके 76 वर्षीय बुजुर्ग स्वर्ग सदन में मिले

ग्वालियर। नई सड़क स्थित बावन पायगा में पांच दिन पूर्व 76 वर्ष के बुजुर्ग अचेतवास्था की हालत में मिले थे। वृद्ध की स्मरण शक्ति कमजोर होने के कारण नाम व घर का पता नहीं बता पा रहे थे। बांके बिहारी जोशी ने क्षेत्रीय नागरिकों की मदद से वृद्ध को स्वर्ग सदन पहुंचाया। स्वजन से बिछड़ने के बाद वृद्ध का बुरा हाल था। उनका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया गया। फरीदाबाद से पत्नी व बेटा उन्हें तलाशते हुए शनिवार को स्वर्ग सदन पहुंच गए। स्वजन से मिलकर बुजुर्ग खुश होकर मुस्कुराने लगे।

तीन जून रात आठ बजे के लगभग एक बुजुर्ग नई सड़क के बावन पायगा में लड़खड़ाते हुए, भूख प्यास की अवस्था में भटकते हुए कुछ युवकों को मिले। युवकों ने उनसे नाम पता पूछने पर कुछ नहीं बता पा रहे थे, लेकिन ऐसा लग रहा था कि वृद्ध घरवालों से भटककर यहां तक पहुंच गये हैं। इन युवकों ने इसकी सूचना जनकगंज थाना पुलिस को दी, पुलिस की मदद से उन्हें स्वर्ग सदन पहुंचा दिया। सदन में भोजन-पानी मिलने के बाद उनसे उनका नाम व घर का पता पूछा गया। उन्होंने अपना नाम बाबूराम बताया और पता कायम गंज उत्तरप्रदेश बताया, जबकि वह परिवार सहित फरीदाबाद में रहते है। वृद्ध बाबूराम पांच दिनों से अपने घरवालों से बिछड़ने पर बहुत रो रहे थे। इधर परिवार भी फरीदाबाद के पुलिस स्टेशन में गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज करा चुका था, उनके सभी रिश्तेदार उन्हें इंटरनेट मीडिया के तलाश रहे थे। स्वर्ग सदन से बुजुर्ग का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया गया।

पत्नी व बेटा को देखरकर मुस्कुरा उठे

 

शनिवार की सुबह सात बजे बाबूराम की पत्नी और बेटा ग्वालियर पहुंचे, बिछड़े बाबूराम जब पत्नी और बेटे से मिले तो लिपटकर रोने लगे। स्वर्ग सदन के संचालक विकास गोस्वामी ने बाबूराम को उनकी पत्नी और बेटे के साथ फरीदाबाद भेज दिया।

Related posts

मप्र का बजट: वोटबैंक को साधने की बजाय ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति पर किया जाए अमल

Uttarakhand Vidhansabha

इटारसी स्टेशन पर मां को सोता देख, बगल में लेटे चार महीने के बच्चे को ले गए आरोपी, दोनों गिरफ्तार

Uttarakhand Vidhansabha

जूते मारकर बाहर निकालो…अलका लांबा और मधु शर्मा की तू-तू-मैं-मैं को लेकर कांग्रेस की रीति नीति पर उठ रहे सवाल

Uttarakhand Vidhansabha