उत्तरकाशी के सोन्दी गांव ग्रामीण सरकारी सिस्टम की लापरवाही के कारण दो जनपदों टिहरी एवं उत्तरकाशी के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं पूर्व में टिहरी जनपद के सोंन्दी गांव के लोगों ने 2002, से उत्तरकाशी जनपद में शामिल करने की मांग की थी जिसकी वजह थी टिहरी जनपद का आखिरी गांव जो जनपद उत्तरकाशी मुख्यालय से मात्र 37 किलोमीटर की दूरी पर है ओर अस्पताल से लेकर स्कूल तक के लिए यह लोग उत्तरकाशी जनपद पर निर्भर थे चुनाव वहिष्कार सहित लम्बे आन्दोलन के बाद 30 नवंबर 2023 को आखिर कर शासन द्वारा सोंदी गांव को टिहरी जनपद से हटाकर उत्तरकाशी जनपद में शामिल किया गया पर दो साल बीत जाने के बाद भी इन ग्रामीणों के सरकारी कागजात उत्तरकाशी जनपद में शामिल नहीं किए गये जिसके कारण मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना का लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है जिला अधिकारी उत्तरकाशी से मुलाकात करने के बाद ग्रामीण जसपाल चोहान ने बताया कि समाज कल्याण विभाग पंचायत विभाग एवं खाता खतौनी के काम तो उत्तरकाशी जनपद में हो रहे हैं

पर सरकारी सस्ता गल्ला शिक्षा विभाग जिला सहकारी बैंक आधार कार्ड मनरेगा सहित कहीं महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उन्हें टिहरी जनपद के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं ओर वह सिस्टम की इस लापरवाही से ठगा महसूस कर रहे हैं ओर अगर शीध्र ही इन समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो ग्रामीण जिला अधिकारी उत्तरकाशी कार्यलय में धरना प्रदर्शन करने को विवस होंगे वहीं खंड विकास अधिकारी डुण्डा का कहना है कि विभागीय दस्तावेजों का निस्तारण शासन स्तर से होता है ओर वहां पत्राचार चल रहा है 2000 की जनसंख्या वाले सोन्दी गांव में 700 मनरेगा जॉब कार्ड है पर सभी ग्रामीण सिस्टम की लापरवाही से बेरोजगार बैठे हैं
