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July 16, 2026
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मुख्यमंत्री के विज़न को जमीन पर उतार रहे डॉ. आर. राजेश कुमार, चमियाला व डीडीहाट परियोजनाओं को दी नई गति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्वतीय विकास को नई गति, चमियाला पार्किंग एवं डीडीहाट टैक्सी स्टैंड परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा, निर्माण कार्यों में तेजी के निर्देश

मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध पूर्ण करना आवास विभाग की प्राथमिकता- डॉ. आर. राजेश कुमार

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, यातायात व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाने तथा पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में आवास विभाग द्वारा लंबित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जनपद टिहरी गढ़वाल के तहसील बालगंगा अंतर्गत चमियाला बहुद्देश्यीय पार्किंग निर्माण परियोजना तथा जनपद पिथौरागढ़ के डीडीहाट टैक्सी स्टैंड निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा लंबित औपचारिकताओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

भूमि विवाद सुलझने के बाद चमियाला पार्किंग परियोजना को मिली नई रफ्तार

नगर पंचायत चमियाला में प्रस्तावित बहुद्देश्यीय पार्किंग परियोजना लंबे समय से भूमि संबंधी तकनीकी कारणों से लंबित थी। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत स्वीकृत इस महत्वपूर्ण परियोजना हेतु ₹166.93 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसमें से ₹100.158 लाख की प्रथम किश्त पूर्व में ही अवमुक्त की जा चुकी है। समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि पार्किंग निर्माण हेतु कुल 340 वर्गमीटर भूमि चिन्हित की गई थी, जिसमें पर्यटन विभाग एवं स्थानीय व्यापार मंडल की भूमि सम्मिलित थी। प्रारंभिक प्रस्ताव में भूमि स्वामित्व से संबंधित स्पष्टता न होने के कारण निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका था। अब नगर पंचायत चमियाला एवं व्यापार मंडल के मध्य आपसी समन्वय और सहमति बनने के बाद परियोजना को नई गति मिली है। व्यापार मंडल द्वारा मीटिंग हॉल एवं शौचालय निर्माण की शर्त पर भूमि उपलब्ध कराने की सहमति प्रदान किए जाने से निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आवास सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए।

डीडीहाट टैक्सी स्टैंड परियोजना को समेकित रूप में विकसित करने का निर्णय

जनपद पिथौरागढ़ के डीडीहाट क्षेत्र में प्रस्तावित टैक्सी स्टैंड परियोजना की भी विभागीय स्तर पर गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत स्वीकृत इस परियोजना के लिए ₹389.95 लाख लागत के आगणन को अनुमोदन प्रदान किया गया था तथा ₹155.98 लाख की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। बैठक में निर्णय लिया गया कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने के बजाय आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक सुरक्षित एवं समेकित परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जिससे दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित हो सके। परियोजना की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी तकनीकी सुझावों को सम्मिलित कर ₹612.48 लाख लागत का विस्तृत पुनरीक्षित प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे शासन को स्वीकृति हेतु भेजा गया है। परियोजना लागत ₹5 करोड़ से अधिक होने के कारण नियमानुसार इसे तकनीकी समीक्षा प्रकोष्ठ (TAC) को परीक्षण एवं अनुमोदन हेतु अग्रसारित किया गया है। स्वीकृति प्राप्त होते ही निर्माण कार्य नियमानुसार प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित एवं सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चमियाला पार्किंग एवं डीडीहाट टैक्सी स्टैंड जैसी परियोजनाएं केवल आधारभूत निर्माण नहीं बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन गतिविधियों और रोजगार सृजन से सीधे जुड़ी विकास योजनाएं हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा लंबित परियोजनाओं में उत्पन्न तकनीकी, प्रशासनिक एवं भूमि संबंधी बाधाओं को पारदर्शी समन्वय के माध्यम से दूर किया जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री घोषणाओं का लाभ आम जनता तक शीघ्र पहुंच सके।

बेहतर यातायात सुविधाओं से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक पार्किंग एवं सुव्यवस्थित टैक्सी स्टैंड विकसित होने से यातायात दबाव में कमी आएगी, सड़क सुरक्षा मजबूत होगी तथा पर्यटन प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं व्यापारिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित होंगे। राज्य सरकार की यह पहल उत्तराखंड के पर्वतीय नगरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित यातायात अवसंरचना से जोड़ते हुए समग्र पर्वतीय विकास मॉडल को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।

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