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August 4, 2026
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संरक्षित झील के आसपास अवैध क्रेशर! आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल?

उत्तराखंड से एक गंभीर मामला सामने आ रहा है, जहां रामसर साइट के रूप में संरक्षित आसन बैराज झील के आसपास पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस संवेदनशील क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में क्रेशर संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन इसके बावजूद यहां क्रेशर लगाए जाने की बात सामने आई है,

जिसे पर्यावरण नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है। इस मुद्दे पर आशुतोष नेगी ने अपनी बाइट में साफ कहा है कि आसन झील के आसपास इस तरह की गतिविधियां अवैध हैं। इससे पहले 27 मार्च 2025 को हरिद्वार सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Trivendra Singh Rawat ने संसद में प्रदेश में बढ़ते अवैध खनन का मुद्दा उठाया था, वहीं 28 अप्रैल 2025 को विधायक Munna Singh Chauhan का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वे अवैध खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकते नजर आए।इसी बीच खनन से जुड़े एक अन्य मामले में न्यायालय ने सख्ती दिखाते हुए पूरी कोतवाली स्टाफ के तबादले और वन विभाग के एसडीओ के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले अधिकारी को सस्पेंड करने के आदेश भी दिए थे। ग्राउंड स्तर पर हालात यह हैं कि स्टोन क्रेशर से निकलने वाला गंदा पानी किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहा है, जबकि खेतों के बीच से गुजरते ट्रक और डंपर धूल उड़ाकर ग्रामीणों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस संवेदनशील क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कब तक जारी रहेगी और प्रशासन कब इन अवैध गतिविधियों पर ठोस कार्रवाई करेगा।

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