गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि लैंड फ्रॉड मामलों की निगरानी के लिए गठित कमेटी बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर मंडल के देहरादून और हरिद्वार जैसे जिलों में जहां लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल को हुई बैठक में यह तय किया गया था कि हर 15 दिन में बैठक होगी, हालांकि बीच में VIP कार्यक्रमों के कारण देरी हुई और 28वें दिन बैठक आयोजित की गई।विनय शंकर पांडे ने कहा कि इस बैठक में कुल 104 प्रकरण सामने आए, जिनमें से 24 मामलों में FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक इतने FIR आदेश शायद पहले कभी नहीं हुए। सभी मामलों की पुलिस, रेवेन्यू विभाग और DGC रेवेन्यू द्वारा गहन जांच की गई, फाइलों को खुद देखा गया और साफ तौर पर fraud के मामले पाए गए—जैसे बिना जमीन के बिक्री करना, एक जगह का खसरा दिखाकर दूसरी जगह जमीन देना, या 2 बीघा जमीन होते हुए 4 बीघा बेचना।उन्होंने बताया कि IG और पुलिस अधिकारियों से तत्काल FIR दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि land fraud किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।विनय शंकर पांडे ने यह भी कहा कि 24 FIR के अलावा करीब 45 मामलों का निस्तारण किया गया है। इनमें कुछ मामलों में आपसी समझौता हो गया, कुछ में पैसे वापस कर दिए गए, और कुछ मामले सिविल कोर्ट में लंबित होने के कारण सूची से हटा दिए गए, क्योंकि वे भूमि धोखाधड़ी के दायरे में नहीं आते।उन्होंने बताया कि अगली बैठक 15 दिन बाद या आवश्यकता अनुसार एक-दो दिन आगे-पीछे आयोजित की जाएगी।
