शासकीय आवास परिसर में आज उद्यान विभाग द्वारा लगभग 60 किलोग्राम शहद निकाला गया, जो प्रदेश में मधुमक्खी पालन के माध्यम से स्वरोजगार की व्यापक संभावनाओं को दर्शाता है।
यहां की समृद्ध पुष्प विविधता उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में औषधीय गुणों से युक्त शहद उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु लोगों को प्रेरित किया जा रहा है, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ता मिलेगी।

