24.7 C
Dehradun, IN
April 15, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
उत्तरप्रदेश

…तो मारा जाता पूरा परिवार, पिता की हत्या के बाद मां और दो भाई थे निशाने पर, ऐसे पकड़ी गई कातिल बेटी

उत्तर प्रदेश का कन्नौज इत्र की खुशबू के लिए प्रसिद्ध है. लेकिन यही कन्नौज इन दिनों किसी और ही चीज के लिए चर्चा में छाया हुआ है. यहां 17 साल की लड़की ने प्रेमी के कहने पर अपने पूरे परिवार को मार डालने का प्लान बनाया. उन्हें सोमवार को डिनर में नींद की गोलियां मिलाकर खिला दीं. जब परिवार बेहोश हो गया तो उसने प्रेमी को फोन किया और घर बुला लिया. लड़की ने प्रेमी की मदद से पहले तो धारदार ब्लेड से अपने पिता का गला काटा. फिर भाई पर हथौड़े से हमला कर दिया.

गंभीर रूप से घायल भाई की इससे आंख खुल गई. वो चीखने-चिल्लाने लगा. तभी आस-पड़ोस के लोग भी वहां आ गए. इस कारण लड़की और उसका प्रेमी पकड़े गए. घायल पिता को गांव वाले तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया. घटना छिबरामऊ कोतवाली के घिसुआपुर गांव की है. मामला पुलिस तक पहुंचा पुलिस ने लड़की और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया. सख्ती से पूछताछ में लड़की ने पुलिस के सामने हत्या की बात कबूल कर ली. बताया कि क्यों उसने परिवार को मारने की साजिश रची. लड़की के मुताबिक, उसके पिता 50 वर्षीय अजय पाल राजपूत ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) के पद पर तैनात थे.

लड़की ने बताया, ‘परिवार में मेरे अलावा दो भाई और मां हैं. मां का नाम मोनी देवी, बड़ा भाई सिद्धार्थ (18) फिर और मुझसे छोटा एक और भाई अमन (14) हैं. मेरा हिमांशु यादव नाम के लड़के से अफेयर था. लेकिन पापा को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं थी. उन्होंने इसके लिए मुझे डांटा भी. मेरा घर से बाहर निकलना भी बंद हो गया. जब बड़ी मुश्किल से मेरी हिमांशु से मुलाकात हुई तो मैंने उसे पूरी बात बताई. तब हिमांशु ने मुझे ये आइडिया दिया. कहा कि हम दोनों के प्यार में अगर मेरा परिवार रोड़ा बन रहा है तो परिवार को ही खत्म कर दिया जाए.’

डॉगी को इसलिए दी नींद की गोलियां

आरोपी लड़की ने आगे बताया कि हमने मेरे परिवार की हत्या की पूरी प्लानिंग बनाई. हत्या के लिए सोमवार का दिन तय हुआ. मैंने नींद की दवा डिनर में मिला दी. सभी ने डिनर किया और वे बेहोश हो गए. मैंने अपने डॉगी के खाने में भी नींद की गोलियां मिला दी थीं. ताकि जब हम वारदात को अंजाम दें तो वो भौंके नहीं. उस समय रात के दो बज रहे थे. मैंने हिमांशु को फोन करके बुला लिया. सबसे पहले मैंने पापा के गले तो धारधार ब्लेड से काट डाला. उसके बाद हम बड़े भैया के कमरे में गए. उन पर हथौड़े से हमला किया. लेकिन पता नहीं कैसे उनकी नींद टूट गई. वो जाग गए और चीखने-चिल्लाने लगे. हमें लगा कि हम पकड़े जाएंगे. इसलिए हम दोनों वहां से भागने लगे. लेकिन गांव वालों ने हमें पकड़ लिया.

घायल सिद्धार्थ का इलाज जारी

पुलिस ने बताया कि गांव वालों ने घायल सिद्धार्थ को अस्पताल में भर्ती करवाया. उसका वहां इलाज चल रहा है. फिलहाल इस मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है. मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है. उधर, पालतू डॉग को भी घटना के अगले दिन होश आया क्योंकि उसके खाने में भी नींद की गोलियां मिलाई गई थीं.

Related posts

बरेली: फौजी ने पत्नी की उंगलियां पर चला दी सिलाई मशीन, हैरान कर देगी वजह

Uttarakhand Vidhansabha

अयोध्या और अवधेश बने अखिलेश के रोल मॉडल, कैसे संसद से साध रहे यूपी की पॉलिटिक्स

Uttarakhand Vidhansabha

रहमान को अपना परिचय बताने में दिक्कत क्यों… रामदेव ने किया योगी सरकार के फैसले का स्वागत

Uttarakhand Vidhansabha