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July 16, 2026
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मध्यप्रदेश

जामा मस्जिद और शंकर मंदिर से उतारे गए लाउडस्पीकर, CM की सख्ती के बाद एक्शन में प्रशासन

छिंदवाड़ा  जिला प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल ने आज सभी मंदिर और मस्जिदों से एक से अधिक लगाए गए लाउड स्पीकर निकलवा दिए है। उन्होंने सख्त आदेश दिए है कि मंदिरों और मस्जिदों में एक लाउडस्पीकर रहेगा। सभी लाउडस्पीकर की आवाज 65 डेसीबल रहेगी। दरअसल यह आदेश बीते दिन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक के दौरान दिए है। जिसके बाद जिले भर में यह कार्रवाई की जा रही है।

आज तहसीलदार धर्मेन्द्र चौकसे, एसआई मयंक उइके पुलिस बल के साथ निकले। उन्होंने नगर पालिका शंकर मंदिर और जामा मस्जिद सहित अन्य मंदिरों और मस्जिदों में लगे दो लाउडस्पीकर में से एक तत्काल निकलवाया दिए है। वही मंदिर और मस्जिद समितियों को स्पष्ट निर्देशित किया है कि एक से अधिक लाउडस्पीकर रहेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। वही उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि लाउडस्पीकर की आवाज 65 डेसीबल से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे तेज आवाज होती है तो कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में तहसीलदार धर्मेन्द्र चौकसे ने बताया कि यह मुख्यमंत्री के आदेश है। किसी भी मंदिर और मस्जिद में एक से अधिक लाउड स्पीकर नहीं रहेंगे। इस निर्णय के बाद यह कार्रवाई की जा रही है।

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भोपाल: सड़क पर नमाज पढ़ने और लाउडस्पीकर पर कार्रवाई को लेकर मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर एक्शन मोड में है। इस पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस विधायक ने कहा कि सरकार व्यक्ति विशेष को परेशान कर रही है, यह अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को  सड़क पर नमाज दिख रही लेकिन बाकी चीज नहीं दिख रही है।  कांग्रेस विधायक ने कहा कि मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं, लेकिन शहर में डीजे बज रहे हैं उन्हें लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि जहां एक लाउडस्पीकर है उसे भी हटाया जा रहा है। मसूद ने कहा कि सरकार सदन में कह चुकी है कि लाउडस्पीकर पर बैन नहीं लगा है, तेज बजाने को लेकर कार्रवाई की जाएगी। लाउडस्पीकर बजाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सब मानने को तैयार है। लेकिन नियम के तहत कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके लिए सरकार को आदेश निकालना चाहिए। सीएम मोहन को सड़क पर पढ़ी जा रही नमाज दो दिख रही है लेकिन बाकी चीजें नहीं। सरकार के ये आदेश संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कल मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था। जिसमें उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार गृह विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 13/12/2023 का हवाला देकर लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध है। इस तरह का भ्रम फैलाया जा रहा है। अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्याय दृष्टांत रिट पिटीशन क्रमांक 72/98 In Re Noise Pollution में पारित दिनांक 18/07/2005 में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डी.जे./सम्बोधन प्रणाली) को नियंत्रण करने के लिए आदेश का पालन करने हेतु सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित करें ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न ना हो।

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