ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 का शुभारंभ कर उपस्थित जनता, योगाचार्यों व योग साधकों को संबोधित किया। देवभूमि उत्तराखंड की यह पावन धरती प्राचीन काल से ही योग और अध्यात्म की भूमि रही है। यहां की पवित्र नदियां, शांत वातावरण और शुद्ध जलवायु योग साधना के लिए विश्व में एक आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं।

प्रदेश सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति–2025 लागू की गई है, जिसके माध्यम से उत्तराखंड में योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही योग, ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए भी अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

वर्तमान में प्रदेश में 300 आयुष्मान आरोग्य केंद्र और 62 वेलनेस सेंटर की स्थापना की गई है। इसके साथ ही प्रत्येक जनपद में आयुष चिकित्सालय भी संचालित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री Satpal Maharaj जी, Subodh Uniyal जी, परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी जी महाराज समेत अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।


