शासकीय आवास परिसर में परिवार के साथ विभिन्न किस्मों के ट्यूलिप बल्ब लगाए। प्रदेश में ट्यूलिप सहित पुष्पों की खेती तेज़ी से उभरता हुआ स्वरोजगार का सशक्त विकल्प बन रही है। उत्तराखण्ड की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां पुष्प उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं, इसी कारण किसानों को पारंपरिक खेती के साथ व्यावसायिक पुष्प खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कृषि और बागवानी को नई दिशा देने के उद्देश्य से सरकार ₹1200 करोड़ की लागत के साथ नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति पर प्रभावी रूप से कार्य कर रही है।

इन योजनाओं के माध्यम से आधुनिक बागवानी को बढ़ावा देते हुए किसानों को 80% तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

