18.5 C
Dehradun, IN
October 17, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
उत्तराखण्डदुनियादेशमुख्य समाचारराज्य

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पुलिस विभाग एवं बैंकों के साथ समन्वय बैठक आयोजित

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में पुलिस विभाग एवं बैंकों के साथ साइबर एवं वित्तीय फ्रॉड की रोकथाम, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के सम्बन्ध में समन्वय बैठक आयोजित हुई।मुख्य सचिव ने साइबर एवं वित्तीय अपराधों में विगत 3-4 वर्षों में हुई वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए, बैंकों के साथ होने वाली बैठकों में इसे स्थायी एजेंडा के रूप में लेते हुए नियमित समीक्षा एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि साइबर एवं वित्तीय फ्रॉड की रोकथाम के लिए पुलिस एवं बैंकों के बीच बेहतर सामंजस्य और त्वरित सूचना-साझाकरण आवश्यक है। बैंकों को इन मामलों में सक्रिय रूप से शामिल करते हुए बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का नियमित सेंसिटाइजेशन एवं प्रशिक्षण कराया जाए।मुख्य सचिव ने साइबर फ्रॉड के मामलों में होल्ड की गई धनराशि को रेस्टोरेबल प्रक्रिया में लाने तथा इसकी सूचना सम्बन्धित पीड़ित को प्रोएक्टिव होकर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया, ताकि पीड़ित आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर धनराशि की बहाली के लिए आवेदन कर सके। उन्होंने बैंकों में ग्रीवांस रिड्रेसल मॉड्यूल (जीआरएम) को प्रभावी बनाने तथा शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने बैंकों द्वारा मामलों का स्वतः संज्ञान लेकर पीड़ितों के हित में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग द्वारा बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने तथा साइबर फ्रॉड के मामलों में पुलिस एवं बैंकिंग संस्थानों के मध्य समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों में साइबर एवं वित्तीय फ्रॉड से सम्बन्धित मामलों को नियमित एजेंडा के रूप में शामिल करने तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।मुख्य सचिव ने साइबर अपराधों में प्रयुक्त होने वाले म्यूल अकाउंट्स की पहचान एवं रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस एवं बैंकों द्वारा आपसी समन्वय से ऐसे खातों की पहचान कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया गया कि साइबर एवं वित्तीय अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस विभाग, बैंकिंग संस्थानों एवं अन्य सम्बन्धित विभागों के बीच निरंतर समन्वय, सूचना-साझाकरण और जवाबदेही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों के माध्यम से ही साइबर फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा पीड़ितों को शीघ्र राहत एवं धनराशि की बहाली सुनिश्चित की जा सकेगी।इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे एवं अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट सहित प्रदेश के अंतर्गत सभी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Related posts

सीएम ने 401 करोड़ की 74 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

Nidhi Jain

हज यात्रा के लिए मक्का गए 68 भारतीयों की मौत, गर्मी से मरने वालों का कुल आंकड़ा 600 पार

Uttarakhand Vidhansabha

मणिपुर में आज भी घर जल रहे हैं… राहुल गांधी ने PM मोदी से शांति की पहल करने की अपील की

Uttarakhand Vidhansabha

Leave a Comment