24.7 C
Dehradun, IN
April 15, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
मध्यप्रदेश

इस योजना से जुड़े लोगों के लिए खुशखबरी! महज 450 रुपए में मिलेगा LPG सिलेंडर

मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को एक अहम घोषणा की, जिसके तहत लाडली बहना योजना के लाभार्थियों को पूरे साल महज 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे महिलाओं को महंगाई की मार से काफी राहत मिलेगी. बता दें लाडली बहना योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी.

राज्यसभा में एक लिखित जवाब में सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम एलपीजी तक के सिलेंडर पर साल में 12 रिफिल पर प्रति सिलेंडर 200 रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है. इसके अलावा 5 अक्टूबर 2023 से केंद्र ने सभी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लाभार्थियों के लिए लक्षित सब्सिडी को बढ़ाकर 300 रुपए प्रति सिलेंडर किया गया है.

दिल्ली में कितने में मिल रहा सिलेंडर?

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार दिल्ली में घरेलू एलपीजी की मौजूदा खुदरा बिक्री कीमत 803 रुपए प्रति सिलेंडर है. यह रेट 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर का है. सरकार की ओर से 300 रुपए प्रति सिलेंडर की सब्सिडी दिए जाने के बाद से पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाल सिलेंडर 503 रुपए में मिल रहा है.

क्या है लाडली बहना योजना?

इस योजना की शुरुआत मार्च, 2023 में हुई थी. मध्य प्रदेश सरकार इस योजना के जरिए राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, उनकी सेहत और पोषण में सुधार करने और परिवार में ज्यादा मजबूत स्थिति बनाने में मदद करने के लिए आर्थिक मदद देती है. इसमें योजना से जुड़े लाभार्थियों को हर महीने 1,250 रुपए दिए जाते हैं. आमतौर पर यह रकम हर महीने की 10 तारीख तक दी जाती है. पहले इस योजना में लाभार्थियों को एक हजार रुपए दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1,250 रुपए कर दिया गया.

Related posts

घर से खेलने निकले 5 बच्चे रहस्यमयी ढंग से लापता, मचा हड़कंप

Uttarakhand Vidhansabha

भुसावल ट्रैक से सीधा जुड़ा सनावद ट्रैक… खंडवा यार्ड में पूरा हुआ इलेक्ट्राॅनिक इंटरलाॅकिंग सिग्नलिंग प्रणाली का कार्य

Uttarakhand Vidhansabha

एक छोटी सी गलतफहमी से परिवार से बिछड़ी 2 साल की बेटी, कुछ घंटों में माता-पिता को मिली

Uttarakhand Vidhansabha