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August 31, 2026
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उत्तरप्रदेश

25 साल से चला रहे थे संगम शुद्ध शाकाहारी भोजनालय, अब रख लिया ‘सलीम’

उत्तर प्रदेश में बीते कई दिनों से कांवड़ यात्रा के रूट पर मौजूद दुकानों के नामों को लेकर बड़ा विवाद छिड़ा है. अब सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बड़े आदेश के बाद से रूट पर मौजूद दुकानों और ढाबों के नाम बदलने का काम शुरू हो गया है. आदेश के मुताबिक, अब दुकानदारों को अपने नाम का बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. इसी बीच कई दुकानदार ऐसे हैं जो काफी सालों से इन रास्तों पर ढाबों या दुकानों का संचालन कर रहे हैं, अब वह भी अपनी दुकानों और ढाबों का नाम बदल रहे हैं.

दिल्ली-देहरादून हाइवे पर सलीम पिछले 25 सालों से संगम शुद्ध शाकाहारी भोजनालय का संचालन कर रहे थे. नए आदेश के बाद इस ढाबे का नाम सलीम शुद्ध शाकाहारी भोजनालय कर दिया गया है. सलीम ने खाद्य सुरक्षा विभाग में इसी नाम से रजिस्ट्रेशन करवा दिया है.

22 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा

दरअसल, 22 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने कहा है कि यात्रा मार्ग पर दुकानों के संचालक या मालिक को अपनी पहचान लिखनी होगी. ये अनिवार्य है. इसी दिशा में कई दुकान मालिकों और ढाबा चलाने वालों को ये काम करना पड़ रहा है. सलीम शुद्ध शाकाहारी भोजनालय के मालिक सलीम का कहना है कि अपना नाम और पहचान उजागर करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. उनके ढाबे पर बाहर का बोर्ड बदल दिया गया है. हालांकि अंदर अभी भी संगम शुद्ध भोजनालय लिखा हुआ है.

हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर भी सख्ती

इस बारे में सलीम का कहना है कि भीतरी दीवारों पर अभी रंगाई-पुताई की जानी है, इसके बाद नया नाम लिखवा दिया जाएगा. कांवड़ यात्रियों की आस्था को बनाए रखने के लिए सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है. सरकारी आदेश में ये भी कहा गया है कि हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट बेचने वालों पर भी कार्रवाई होगी. आदेश में कहा गया है कि सभी दुकानों, ठेलों पर अपना नाम लिखें जिससे कांवड़ यात्री ये जान सकें कि वो किस दुकान से सामान खरीद रहे हैं. कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़िए खानपान के मामले में काफी परहेज करते हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है.

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