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August 25, 2026
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सर, A1-A2 या नंबर 3-4 चलेगा क्या? स्पीकर ओम बिरला ने टोका तो राहुल ने उनसे से ही पूछ लिया क्या बोलूं

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार ने देश के युवाओं, किसानों और गरीबों को अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में फंसा दिया है. अंबानी-अडानी का देश के बिजनेस पर कंट्रोल है. अंबानी-अडानी का नाम लेने पर स्पीकर ओम बिरला ने उन्होंने टोका. इस पर राहुल ने कहा, सर, क्या मैं उनको A1, A2 कह सकता हूं. या नंबर 3-4 चलेगा?

सदन में केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि सत्तापक्ष चक्रव्यूह बनाता है. कांग्रेस और विपक्ष चक्रव्यूह तोड़ता है. हजारों साल पहले छह लोगों ने अभिमन्यु को चक्रव्यूह में फंसा कर मारा था. चक्रव्यूह का दूसरा नाम पद्मव्यूह है, जो कमल के फूल के आकार का होता है. इसमें डर और हिंसा होती है.

राहुल ने कहा कि 21वीं सदी में भी एक चक्रव्यूह तैयार किया गया है, जो अभिमन्यु के साथ हुआ, वही देश के साथ हो रहा है. सेना के जवानों को अग्निपथ के चक्रव्यूह में फंसाया गया है. किसानों ने इस सरकार के चक्रव्यूह से निकलने के लिए सिर्फ एमएसपी की कानूनी गारंटी मांगी थी, जो नहीं मिली.

बजट का हवाला नेता विपक्ष ने कहा कि जिस चक्रव्यूह ने देश को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, उसके पीछे 3 ताकतें हैं. पहली एकाधिकार वाली पूंजी का विचार है. इसमें दो लोगों को पूरे देश की संपत्ति का मालिक बनना है. दूसरी ताकत इस देश की संस्थाएं(सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग) हैं. तीसरी ताकत कार्यपालिका है. ये तीनों ताकतें चक्रव्यूह में हैं.

राहुल गांधी ने कहा, मेरी अपेक्षा थी कि बजट इस चक्रव्यूह की शक्ति को कमजोर करेगा. देश के किसानों, युवाओं, मजदूरों को मदद मिलेगी, लेकिन इस बजट का उद्देश्य बड़े व्यवसायियों के एकाधिकार और राजनीतिक एकाधिकार के ढांचे को मजबूत करना है, जो लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाए.

उन्होंने दावा किया कि देश का बजट बनाने का काम 20 अफसरों ने किया है. इनमें से सिर्फ एक अल्पसंख्यक और एक ओबीसी है. दलित और आदिवासी एक भी नहीं है. राहुल ने बजट से पहले होने वाली हलवा रस्म को लेकर भी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि इस सरकार में दो-तीन फीसदी लोग ही हलवा तैयार कर रहे हैं. इतने ही लोग हलवा खा रहे हैं. बचे देश के लोगों यह नहीं नसीब हो रहा है.

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