उत्तराखंड में इस सीजन में अभी तक न के बराबर बारिश और बर्फबारी हुई है, जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है। बेतालघाट क्षेत्र के काश्तकारों का कहना है कि समय पर बारिश न होने से मटर, आलू, प्याज़, हरी सब्जी की फसल में न तो उचित बढ़वार हो पाई और न ही फलन हुआ, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। काश्तकारों को सूखे खेतों में फसल बचाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। एक तरफ सूखा काश्तकारों के लिए मुसीबत बना हुआ है, तो वही दूसरी तरफ जंगली जानवरों के आतंक से भी उन्हें दो चार होना पड़ रहा है। किसान बताते है कि बंदर और जंगली सुअर उनकी फसलों को काफी नुकशान पहुँचा रहे है, जिस कारण फसलों पर बुरा असर पढ़ रहा है और काश्तकारों को अपनी फसल का बाजार में उचित दाम भी नही मिल रहा है जिससे उनके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। मडुवे की फसल भी नहीं हो पा रही है जिससे आने वाले समय में अगर ऐसे ही रहा तो मांडुवे आटा भी नसीब नहीं होगा खाने को वही दिनदहाड़े गुलदार भी उनके पालतू पशुओं को उठाकर ले जा रहे हैं ग्रामीण शाम होते ही गुलदार के भय से घरों में छुप जा रहे हैं।
