उत्तराखंड की प्रशासनिक गलियारों में एक ही नाम की गूंज है IAS सोनिका मीणा हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण यानी HRDA की कमान संभालते ही उन्होंने भू-माफियाओं की नींद उड़ा दी है। अवैध कॉलोनियों पर चलता बुलडोजर और फाइलों में दबे भ्रष्टाचार को बाहर निकालना अब उनकी पहचान बन चुका है। देहरादून की पूर्व जिलाधिकारी सोनिका मीणा अब हरिद्वार की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर रही हैं। कार्यभार संभालते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जो भी अवैध निर्माण या अवैध प्लॉटिंग में शामिल होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। गंगा की पावन नगरी में अवैध रूप से पनप रहे भू-माफियाओं के लिए सोनिका मीणा का ‘एक्शन प्लान’ तैयार है। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं नक्शा पास नहीं तो निर्माण नहीं। याद कीजिए देहरादून का वो दौर जब अतिक्रमण हटाने के लिए उन्होंने किसी दबाव की परवाह नहीं की। स्मार्ट सिटी के कार्यों में तेजी लाना हो या सरकारी जमीनों को कब्जे से मुक्त कराना, सोनिका मीणा का ‘देहरादून मॉडल’ आज भी चर्चा में है। अब वही सख्ती हरिद्वार और रुड़की में दिख रही है, जहाँ भू-माफियाओं द्वारा किए गए करोड़ों के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। प्रशासनिक दक्षता और जनता के प्रति संवेदनशीलता का बेजोड़ संगम हैं IAS सोनिका मीणा उनके आने से HRDA में पारदर्शिता की नई उम्मीद जगी है। देहरादून DM रहते हुए उन्होंने जनसुनवाई के माध्यम से हजारों शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया। भू-माफियाओं के खिलाफ दर्जनों FIR और अवैध प्लाटिंग पर कड़ा प्रहार उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही। सोनिका मीणा ने देहरादून और मसूरी के आसपास के इलाकों में अवैध निर्माणों को सील करने और सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। वहीं देहरादून स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सड़क चौड़ीकरण और ड्रेनेज सिस्टम में सुधार के लिए उन्होंने दिन-रात ग्राउंड पर काम किया। इन्हें उत्तराखंड के सबसे ईमानदार और निडर अधिकारियों में गिना जाता है, जो रसूखदारों के दबाव में आए बिना कानून के मुताबिक काम करती हैं।
