17.3 C
Dehradun, IN
March 2, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
उत्तरप्रदेश

भाजपा किसी दिन सरकार ही आउटसोर्स न कर दे… पुलिस भर्ती को लेकर अखिलेश ने क्यों उठाया सवाल?

उत्तर प्रदेश पुलिस में कुछ पदों की आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती वाले पत्र को लेकर बवाल बढ़ता ही जा रहा है. यूपी पुलिस द्वारा एक पत्र जारी कर कहा गया था कि यूपी पुलिस के कुछ पदों पर अग्निवीर की तर्ज पर ही भर्ती की जाएगी. जिसके बाद प्रदेश ही नहीं पूरी देश में यूपी पुलिस के इस पत्र की फजीहत हो रही है. हालांकि बुधवार रात को यूपी पुलिस ने एक्स पर अपनी सफाई भी जारी की है. आज सुबह सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर ट्वीट कर इस भर्ती को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं.

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की बीजेपी सरकार ने पुलिस व्यवस्था के प्रति लापरवाही भरा नज़रिया अपना रखा है, जिसकी वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. अखिलेश ने कहा, “एक-के-बाद-एक कार्यवाहक डीजीपी के बाद अब कुछ पुलिस सेवाओं की आउटसोर्सिंग पर विचार किया जा रहा है. ठेके पर पुलिस होगी तो, न ही उसकी कोई जवाबदेही होगी, न ही गोपनीय और संवेदनशील सूचनाओं को बाहर जाने से रोका जा सकेगा.”

“सरकार की कंपनियों से पैसा लेने की योजना”

अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से कंपनियों से पैसा लेने की आशंका जताई है. आरोप लगाते हुए अखिलेश ने कहा, “पुलिस सेवा में भर्ती के इच्छुक युवाओं की ये आशंका है कि इसके पीछे आउटसोर्सिंग का माध्यम बनने वाली कंपनियों से ‘काम के बदले पैसा’ लेने की योजना हो सकती है क्योंकि सरकारी विभाग से तो इस तरह पिछले दरवाज़े से ‘पैसा वसूली’ संभव नहीं है. अपने आरोप के आधार के रूप में वो कोरोना वैक्सीन बनाने वाली प्राइवेट कंपनी का उदाहरण दे रहे हैं, जिसे भाजपा ने नियम विरुद्ध जाते हुए, वैक्सीन बनाने वाली एक सरकारी कंपनी के होते हुए भी, वैक्सीन बनाने का ठेका दिया और उससे चंदा वसूली की.”

यूपी पुलिस ने दी सफाई

पत्र की सफाई में यूपी पुलिस ने बुधवार रात ट्वीट करते हुए कहा बताया की आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती वाला पत्र गलती से जारी हुए है और उसको निरस्त किया जाता है. पुलिस ने गलती पर सफाई देते हुए कहा, “पुलिस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग की व्यवस्था पूर्व से प्रचलित है. त्रुटिवश चतुर्थ कर्मचारियों के स्थान पर मिनिस्टीरियल स्टाफ के लिए जारी पत्र को निरस्त कर दिया गया है. इस प्रकार का कोई भी प्रकरण पुलिस विभाग एवं शासन स्तर पर विचाराधीन नहीं है”

Related posts

विधवा बहू पर गंदी नजर, ससुर ने नातियों के नाम कर दी जमीन; बेटे ने बाप का घोंट दिया गला

Uttarakhand Vidhansabha

युवक ने सरेराह उस्तरे से काटा अपना गला, दो भाइयों को फंसाना चाहता था… Video से खुल गई पोल

Uttarakhand Vidhansabha

52 डिग्री पारे के बीच मौसम ने ली करवट, दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश

Uttarakhand Vidhansabha